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कुंभ पर ख़र्च किए 4000 करोड़ , मूर्ती पर 3000 करोड़ और कोरोना टेस्टों पर 120 करोड़

टीकाकरण
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Ground Report | News Desk

सरकारी संस्थान ICMR की रिपोर्ट बता रही है कि केंद्र सरकार ने अभी तक कोरोना टेस्टों पर सिर्फ 120 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें वह खर्चा भी शामिल है जो टेस्टिंग के लिए सरकार ने राज्यों को दिया है । इसमें केवल रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) टेस्ट को ध्यान में रखा गया है, जो कोरोनावायरस की मौजूदगी की पुष्टि करते हैं ।

Economic Times की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं के अनुसार, प्रत्येक कॉविड-19 परीक्षण की लागत लगभग 2,500 रुपये है। केंद्र सरकार ने अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, वेंटिलेटर और टेस्ट किट खरीदने के लिए राज्य सरकारों को 17,000 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए थे। Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कोरोना टेस्टिंग अभी सिर्फ 120 करोड़ ही खर्च किए हैं।

यही वह सरकार है जिसने दीपोत्सव महोत्सव पर 133 करोड़ रुपए खर्च कर दिए थे। यही वह सरकार है जिसने एनआरसी पर 1220 करोड़ रुपए खर्च कर दिए थे। यही वह सरकार है जिसने दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी पर 100 करोड़ रुपए खर्च कर दिए थे। यही वह सरकार है जिसने एक मूर्ति पर 3 हजार करोड़ खर्च कर दिए थे। यही वह सरकार है जिसने कुंभ पर 4000 करोड़ ख़र्च कर दिए थे ।

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पूरी रिपोर्ट Economic Times पर पढ़ी जा सकती है….

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