Home » Covid19 Third Wave: बच्चों को बचाने के लिए सरकार की क्या तैयारियां हैं?

Covid19 Third Wave: बच्चों को बचाने के लिए सरकार की क्या तैयारियां हैं?

how to cure coronavirus if tested positive
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Government Prepration : देश में Covid-19 महामारी की तीसरी लहर (Third Wave of Covid-19) में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि पहली लहर में Corona Virus ने बुजुर्गों पर अटैक किया था। वहीं दूसरी लहर ( Second Wave) में युवकों पर खतरा बढ़ा। ऐसे में तीसरी लहर ( Third Wave of Covid-19 ) में कोरोना बच्चों को अपना शिकार बना सकता है।

भारत सरकार के ( Principal Scientific Advisor ) प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन के अनुसार , दूसरी लहर ( Second Wave ) के शांत पड़ने के 5-6 महीने बाद Covid-19 की तीसरी लहर आ सकती है। जिससे युद्धस्तर पर तैयारियों को अंजाम देकर ही बचा जा सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि , क्या भारत में ऐसी तैयारियां चल रही हैं? आखिर केंद्र और राज्य सरकारें Covid की तीसरी लहर (Third Wave of Covid -19) को रोकने और बच्चों को Corona की चपेट से बचाने के लिए कौन-कौन से कदम उठा रही हैं?

Prepration of the government to save children क्या है सरकार की तैयारी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई को 10 जिलों के डीएम और फील्ड अफसरों के साथ मीटिंग की थी । जिसमें उन्होंने युवाओं और बच्चों में कोरोना के संक्रमण को लेकर चिंता प्रकट की थी। उन्होंने अफसरों से कहा था , कि वो अपने-अपने जिले में युवाओं और बच्चों में Covid-19 महामारी के आंकड़े जुटाएं और उसी अनुसार अनिवार्य कदम उठाएं। उन्होंने इन आंकड़ों का नियमित तौर पर विश्लेषण कर रणनीति बनाने और उसमें जरूरी बदलाव करने का निर्देश दिया।

घर पर ही संभव है कोरोना का इलाज, पर बरतें जरूरी सावधानियां

UP Government की क्या है तैयारी

देश का सबसे बड़ा राज्य जनसंख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश है। UP सरकार ने हर टीकाकरण केंद्र ( Vaccination Center) पर Parent Booth बनाने का फैसला किया है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Government of Yogi Adityanath) ने 12 साल तक के बच्चे के Parents को Corona Vaccine लगाने में प्राथमिकता देने जा रही है । जिससे बच्चों में कोरोना संक्रमण (Covid-19) की आशंका टाली जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि , हर जिले में इसके लिए कार्ययोजना (Work Plan) बनाई जाए। उन्होंने कहा कि हर जिले में अभिभावक स्पेशल बूथ (Parent Special Booth) बनाएं जाए और अभिभावकों को संपर्क कर उन्हें Vaccination के लिए बुलाया जाए । इससे अभिभावक और बच्चे दोनों सुरक्षित रहेंगे।

Delhi ने किया Task Force का गठन

दिल्ली सरकार ने भी अगली लहर की आशंका को देखते हुए बेड, ऑक्सिजन और अन्य चिकित्सा सुविधाएं जुटाने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन करने का फैसला किया है। साथ ही, प्रदेश सरकार ने केंद्र से कहा है कि वो बच्चों के टीकाकरण के लिए अमेरिकी वैक्सीन निर्माता फाइजर से बात करे। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘केंद्र सरकार की प्राथमिकता Vaccination होनी चाहिए। जिन्होंने 12 साल से ऊपर के बच्चों की वैक्सीन बनाई है। वह फाइजर से बात करे। केंद्र इस कंपनी से 1.5 करोड़ बच्चों और शिक्षकों के लिए टीके लेकर आए।’ वहीं अमेरिका में कुछ दिनों पहले फाइजर के टीके को 12 साल से ऊपर के बच्चों को लगाने की मंजूरी दी गई है।

मोदी सरकार के 5 बड़े घोटाले, जिनके सबूत मिटाने पर जुटी है सरकार

LNJP अस्तपाल ने भी अगली लहर के लिए बच्चों के लिए वेंटिलेटर बेड की संख्या 15 से बढ़ाकर 21 कर दी है। हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर सुरेश कुमार ने कहा कि वहां 15 शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। वहीं बच्चों में संक्रमण की शिकायत बढ़ने पर टेस्टिंग का काम भी बढ़ा दिया गया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अब पहले के मुकाबले ज्यादा बच्चों की Covid जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष छह साल से कम उम्र के बच्चों की आम तौर पर जांच नहीं हो रही थी, लेकिन इस बार बच्चों में कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग का काम जोरों पर है और 6 साल से कम उम्र के भी जिन बच्चों की पहचान कॉन्टैक्ट्स के रूप में हो रही है, उन्हें भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

महाराष्ट्र सरकार की क्या है तैयारी

READ:  What is Delhi doorstep ration delivery scheme? Why is BJP calling it a scam?

महाराष्ट्र सरकार बच्चों के लिए Covid Care Ward तैयार करने में जुट गई है। उद्धव ठाकरे सरकार ने हर जिले के कलेक्टर और नगर पालिका को निर्देश दे दिए हैं , कि इस काम को तेजी से पूरा किया जाए। सरकार के आदेश पर जिलों और स्थानीय निकायों में तैयारियां जोरों से चल रही हैं। वहीं उस्मानाबाद जिले ने एक टास्क फोर्स गठित कर ली है। जिले के कलेक्टर ने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मीटिंग की और बच्चों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बचाने को लेकर सुझाव मांगे। जिला प्रशासन ने बच्चों के लिए अलग से कोविड वॉर्ड बनाने का फैसला किया है। उधर, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने 12 साल से कम उम्र के बच्चे जिनके माता-पिता कोरोना संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती हैं। उनके लिए क्रेच नेटवर्क तैयार करने की भी योजना बनाई है ।

सीएम ने बताया हरियाणा की कैसी है तैयारी,

हरियाणा सरकार का कहना है कि Covid की संभावित तीसरी लहर ( Third Wave) को रोक पाना एक बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि राज्य में संजीवनी परियोजना लॉन्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 20 हजार ऑक्सिजन और वेंटिलेटर बेड हैं । जबकि 30 हजार Covid Center काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि Online Medical Consultation के लिए 200 मेडिकल स्टूडेंट्स की सेवा ली जा रही है।

कर्नाटक ने उठाए ये कदम

कर्नाटक सरकार भी कोविड की तीसरी लहर को लेकर वक्त रहते सतर्क हो गई है। प्रदेश की वीएस येदियुरप्पा सरकार ने सभी जिलों में बच्चों के लिए विशेष Covid Care Center खोलने का फैसला किया है। प्रदेश की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री शशिकला जोले ने बच्चों में संभावित Covid-19 की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के लिए पुनर्वास (Rehabilitation) केंद्र बनाए जाएंगे।

सुधीर चौधरी को क्यों जाना पड़ा था तिहाड़ जेल?

उत्तराखंड में बच्चों के लिए ICU बेड तैयार करने की योजना

उत्तराखंड सरकार ने भी तीसरी लहर के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने हरिद्वार और हल्द्वानी में कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए अलग से 25-25 आईसीयू बेड तैयार करने की योजना बनाई है। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव अमित सिंह नेगी ने बताया कि Public Health Advisory Committee और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मीटिंग की जा रही है। कमीटी की सिफारिश के अनुसार बच्चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब तक बच्चों में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर नहीं है।

एक्सपर्ट्स भी बच्चों को Vaccination अभियान में शामिल करने पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कुल आबादी के 70 से 85 प्रतिशत को Corona Virus के खिलाफ Immune करने का लक्ष्य है। जिसके लिए टीकाकरण अभियान में बच्चों को भी शामिल करना ही होगा। वैसे बच्चों में अब तक कोरोना वायरस का बहुत गंभीर परिणाम देखने को नहीं मिल रहा है। अमेरिका में करीब 14 प्रतिशत बच्चों में कोरोना वायरस के मामले पाए गए हैं।

एक्सपर्ट की चेतावनी

स्कूल खुले तो बढ़ सकती है मुसीबत। एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि स्कूल खोलने में जल्दबाजी की गई तो स्थितियां बिगड़ सकती हैं। कर्नाटक के Covid Technical Advisory Committee के सदस्‍य रवि ने कहा कि अगले Academic Session को लेकर सरकार को फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाने होंगे। स्‍कूल जाने के बाद बच्चे सुपर स्‍प्रेडर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास बच्‍चों के लिए कोविड केयर वॉर्ड और आईसीयू काफी नहीं हैं। ऐसे में Medical Infrastructure को बढ़ाने की जरूरत है।

NCPCR ने किया सरकार से आग्रह

READ:  Pratapgarh corona mata mandir : हटाया गया कोरोना माता का मंदिर, प्रशासन द्वारा जांच के आदेश

बाल अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने वाली संस्था राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने तीसरी लहर के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकारों से तैयारियां किए जाने की मांग की है। आयोग की चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण को पत्र लिखकर कहा कि दूसरी लहर में ज्यादा संख्या में युवा संक्रमित हुए और तीसरी लहर आने की भी आशंका जताई जा रही है । जो बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने आग्रह किया कि राष्ट्रीय आपातकालीन परिवहन सेवा (NETS) को दुरुस्त किया जाए और बच्चों को ध्यान में रखते हुए Ambulance को विशेष रूप से तैयार किया जाए।

Third Wave Of Covid 19 को ले कर क्या कहा डॉक्टर वी.रवि ने

डॉक्टर वी. रवि का कहना हैं कि अगर पहली लहर से तुलना की जाए तो दूसरी लहर में कोरोना पॉज़िटिव बच्चों का आंकड़ा दोगुना हो गया था। इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि कोविड-19 की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण बढ़ सकता है.

डॉक्टर रवि कहते हैं, “भारत में लगभग 30 करोड़ बच्चों में से लगभग 18 करोड़ के कोरोना से संक्रमित होने का डर है। इन 18 करोड़ में से अगर ये मान लिया जाए कि 20 फ़ीसद यानी 3.6 करोड़ बच्चे संक्रमित हो जाते हैं, और इनमें से एक प्रतिशत को भी अगर अस्पताल में इलाज की ज़रूरत पड़ी, तो क्या इसके लिए हम तैयार हैं?”

क्या कहना है एपिडेमियोलॉजिस्ट और PHFI में प्रोफ़ेसर डॉक्टर गिरिधर बाबू का

Epidemiologist and professor at the Public Health Foundation of India के गिरिधर बाबू कहते हैं, “मैं डॉक्टर रवि की बात से सहमत हूं।कोई नहीं चाहेगा कि कोरोना से उनके बच्चे संक्रमित हो। लेकिन इसका उत्तर किसी के पास नहीं होगा अगर बच्चों में संक्रमण फैला तो क्या हमारे पास सभी व्यवस्थाएं हैं?

क्या कहा डॉक्टर मुलियिल ने

वहीं डॉक्टर मुलियिल कहते हैं कि, “हमारी तैयारी को आप हास्यास्पद कह सकते हैं.” लेकिन कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं होनी जरूरी है।

क्या करना चाहिए सरकार को कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए

  • सरकार को बच्चों को corona की तीसरी लहर से बचाने के लिए Oxygen के plant लगाने चाहिए। Oxygen concentrator की सुविधा बढ़ा देनी चाहिए।
  • Child care ward की संख्या बढ़ा देनी चाहिए।
  • Vaaccination facility जल्द से जल्द बच्चों को उपलब्ध कराना चाहिए।
  • पैरेंट्स को सबसे पहले इसके डोज देने चाहिए। जिससे 10 साल से कम उम्र के बच्चों में इसका संक्रमण न फैल सके।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।