गोवा भी मूसलाधार बारिश की चपेट में, बाढ़ से जनजीवन प्रभावित, इन इलाकों से संपर्क कटा

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एम.एस.नौला | पणजी

महाराष्ट्र और कर्नाटक के साथ साथ अब गोवा भी मूसलाधार बारिश कीीी चपेट में है। दक्षिण गोवाा की कई नदियां उफान पर हैं जिसका असर गोवा के कई इलाकों पर पड़ा है।

प्रभावित इलाकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश की वजह से कई इलाकों का संपर्क कट गया है। जिसकी वजह से गोवा के लोगों को जीवनावश्यक वस्तुओं की कमी से जूझना पड़ रहाा है। इतना ही नहीं इन चीजों की कीमतें भी बढ़ गई हैं-

  • खाद्य पदार्थों आयात बंद पड़ गया है
  • दूध, सब्जियांं मटन, अंडे ,मछलियां आदि बाजार में उपलब्ध नहींं हैं

पिछले 8 दिनों से हो रही मूसलाधार वर्षा से कई इलाकों में पानी भर गया है जिसकी वजह से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। गोवा के डिचोली और स्तरी इलाके में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इन नदियों के आस-पास के गांव में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सबसे ज्यादा आफत तिलोरा नामक बांध का पानी छोड़ने की वजह से हुई। इस इलाके में रेस्क्यू टीम ने 25 लोगों को बचाया है।

बागवाड़ा तीर गांव में 10 लोगों की जानें बचाई गईं। उस गांव के खांडेपार नदी में बाढ़ आ जाने की वजह से 15 लोग फंस गए थे जिन्हें फायर ब्रिगेड के जवानों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। भारी वर्षा की वजह से कूले तालुका की स्कूलों में छुट्टी दे दी गई थी।

महाप्से-गिरी नेशनल हाईवे पानी में डूब जाने की वजह से यातायात बाधित रहा एनडीआरएफ की टीमें भारी बारिश से प्रभावित इलाकों में पहुंच गई हैं। अमोना और साखली इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं।

गोवा के चीफ मिनिस्टर प्रमोद सावंत ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने एक तत्काल मीटिंग लेकर प्रशासन को बाढ़ ग्रस्त इलाकों में त्वरित राहत कार्य करने और यथोचित मदद करने का आदेश दिया।