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Hunger Index: वक्त है बचा लो मानवता को उजड़ने से, वरना धरी रह जाएंगी गोदामों की भरी बोरियां

Global Hunger Index 2020
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HUNGER INDEX 2020: हाल ही में हमारे प्रधानमंत्री ने वर्ल्ड फूड डे पर कहा कि हमारे किसान साथी- हमारे अन्नदाता, हमारे कृषि वैज्ञानिक, हमारे आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ता, कुपोषण के खिलाफ आंदोलन का आधार हैं। इन्होंने अपने परिश्रम से जहां भारत का अन्न भंडार भर रखा है, वहीं दूर-सुदूर, गरीब से गरीब तक पहुंचने में ये सरकार की मदद भी कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि कोरोना के कारण जहां पूरी दुनिया संघर्ष कर रही है, वहीं भारत के किसानों ने इस बार पिछले साल के प्रोडक्शन के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। इतना ही नहीं सरकार ने गेहूं, धान और दाल समेत सभी प्रकार के खाद्यान्न की खरीद के अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

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प्रधानमंत्री के इस भाषण पर दिल गदगद हो गया था कि चलो कम से कम कोई भूखा नहीं सोयगा हमारे देश में लेकिन आज जारी हुई ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट अलग ही तस्वीर बयां कर रही है। भारत वैश्विक भूख सूचकांक 2020 में 107 देशों की सूची में 94वें स्थान पर है और भूख की ‘गंभीर’ श्रेणी में है। पिछले साल 117 देशों की सूची में भारत का स्थान 102 था। इसका मतलब है कि देश में चलाई जा रही तमाम खाद्य सुरक्षा योजनाएं ज़रुरतमंदो तक पहुंच ही नहीं पा रही हैं। क्या भ्रष्टाचार की दीमक गरीबों का खाना चट कर जा रही हैं?

GLOBAL HUNGER INDEX 2020 प्रमुख बातें-

  • भारत वैश्विक भूख सूचकांक GLOBAL HUNGER INDEX 2020 में 107 देशों की सूची में 94वें स्थान पर है और भूख की ‘गंभीर’ श्रेणी में है।
  • रिपोर्ट के अनुसार भारत की 14 फीसदी आबादी कुपोषण की शिकार है।
  • समय से पहले जन्म और कम वजन के कारण बच्चों की मृत्यु दर विशेष रूप से गरीब राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी है।
  • विशेषज्ञों ने इसके लिए खराब कार्यान्वयन प्रक्रियाओं, प्रभावी निगरानी की कमी, कुपोषण से निपटने का उदासीन दृष्टिकोण और बड़े राज्यों के खराब प्रदर्शन को दोषी ठहराया।
  • पड़ोसी बांग्लादेश, म्यामां और पाकिस्तान भी ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं। लेकिन इस साल के भूख सूचकांक में भारत से ऊपर हैं।
  • बांग्लादेश 75वें, म्यामां 78वें और पाकिस्तान 88वें स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल 73वें और श्रीलंका 64वें स्थान पर हैं।
  • चीन, बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत सहित 17 देश भूख और कुपोषण पर नजर रखने वाले वैश्विक भूख सूचकांक (जीएचआई) में शीर्ष रैंक पर हैं।
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