भुखमरी से जूझता देश कैसे बनेगा विश्व गुरु

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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

हर वर्ष जारी होने वाले ग्लोबल हंगर इंडेक्स में किसी देश में लोगों को भरपेट भोजन मिलने, बाल मृत्यु दर और भोजन से मिलने वाले ज़रुरी पोषण का आंकलन किया जाता है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रैंकिंग आयरलैंड की ऐड एजेंसी कंसर्न वर्ल्डवाइड और जर्मन ऑर्गेनाइज़ेशन वेल्ट हंगर तैयार करती है। कुल 117 देशों की सूची में भारत 102वें नंबर पर है। यानी केवल 15 ही देश ऐसे हैं जो भारत से नीचे हैं। यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इसका अर्थ यह है कि भारत अपने लोगों को भरपेट भोजन भी मुहैया नहीं करवा पा रहा है, भारत में बाल मृत्यु दर ज़्यादा है और कुपोषण की समस्या बनीं हुई है। पिछले 2018 में जारी हुए ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 103 थी मतलब भारत की रैंकिंग में केवल एक पायदान का सुधार हुआ है, पिछले वर्ष की रैंकिंग में 119 देश शामिल थे वहीं इस वर्ष 117 देश।

भारत एशिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है और दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी लेकिन ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत दक्षिण एशिया में भी सबसे नीचे है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल के लोग भारतीयों से पोषण के मामले में आगे हैं। भारत इस मामले में ब्रिक्स देशों में भी सबसे नीचे है।पाकिस्तान 94वें नंबर पर है, बांग्लादेश 88वें, नेपाल 73वें और श्रीलंका 66वें नंबर पर है।

नीचे दिए गए मैप में आप पीले कलर से मार्क किये गए देशों को देख सकते हैं जिसमें भारत भी है। यह वो इलाके हैं जहां भुखमरी गंभीर स्थिति में है।

GHI 2019 MAP

बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत जीएचआई रैंक में अव्वल हैं। यहां तक कि रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों के जीएचआई रैंकों में सुधार हुए हैं।

Countrywise GHI 2019 LIST

भारत दुनिया का गुरु बनने के सपने देख रहा है लेकिन भुखमरी, गरीबी और कुपोषण जैसी समस्या से जंग जीते बगैर यह मुमकिन नहीं है।