…और खत्म हुआ ‘अटल युग’, अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद निधन

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नई दिल्ली, 16 अगस्त। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से देश-दुनिया में शोक की लहर है। वे 93 साल के थे। किडनी में इन्फेक्शन के चलते वे इलाज के लिए नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती थे। पिछले दो दिनों से वाजपेयी लाइफ सपोर्ट पर थे।

एम्स (AIIMS) ने एक मेडिकल बुलेटिन जारी कर इस बात की जानकारी दी है कि गुरुवार 16 अगस्त को शाम 5:05 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। पूर्व प्रधानमंत्री वाजेपीय को 11 जून को किडनी में इन्फेक्शन  कि शिकायत के चलते नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती किया गया था। करीब 9 हफ्तों तक चले इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

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इससे पहले एम्स ने एक बुलेटिन जारी कर बताया था कि, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक है और पिछले 24 घंटों में उनकी तबियत और भी ज्यादा बिगड़ गई है। इससे पहले बीती रात ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार के सदस्य विशेष विमान से दिल्ली पहुंचे थे। जबकि तमाम दिगग्ज नेता उनसे मिलने एम्स पहुंचे थे।

इससे पहले बुधवार 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, केन्द्रीय मंत्री  पीयूष गोयल और सांसद मीनाक्षी लेखी सहित अन्य नेता वाजपेयी से मिलने एम्स पहुंचे थे। बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत बीते कई महीनों से खराब थी। उन्हें किडनी और मूत्रनली में इन्फेंक्शन के साथ ही डिमेन्शिया की शिकायत थी। वे साल 2009 से ही व्हील चेयर पर थे।

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इससे पहले एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने जानकारी देते हुए बताया था कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत स्थिर है। उन्हें इंजेक्शन के जरिए एंटिबॉयटिक्स दिया जा रहा है। हांलाकि बीते 24 घंटों से देशभर में उन्हें लेकर जिस तरह से हालात बन रहे उससे किसी अनहोनी को नकारा नहीं जा सकता था। तमाम बड़े नेताओं का एम्स पहुंचना इस चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा कर रहे थे।

इसके अलावा बीजेपी शासित राज्यों में सरकारी कामकाज दिन में ही बंद कर दिया गया था। जबकि यह पहला मौका था जब उनके परिवार के सभी सदस्यों को उनसे मिलने विशेष विमान से दिल्ली लाया गया था। जबकि दिन में ही वाजपेयी के घर के बाहर धारा 144 लगा दी गई थी। ये तमाम समीकरण इस बात की ओर इशारा कर रहे थे एम्स में सबकुछ ठीक नहीं है, और अंतत: निधन की खबर आई और देश-दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई।

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बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की निगरानी में थे। इससे कुछ दिन पहले भी अटल बिहारी वाजपेयी की सेहत को लेकर एम्स ने एक मेडिकल बुलेटिन जारी कर उनकी सेहत स्थिर बताई थी, लेकिन बीती रात उनकी हालत नाजुक बताई गई थी।

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