दिव्यांगजनों को खाद्य सुरक्षा के तहत मिलेगा मुफ्त राशन

योग्यता के आधार पर दिव्यांगजनों को मिलेगी खाद्य सुरक्षा

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भारत सरकार ने योग्य दिव्यांगजनों को खाद्य सुरक्षा देने का फैसला लिया है। खाद्य मंत्रालय ने 23 अगस्त 2020 को कहा कि उसने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे सभी योग्य दिव्यांग व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत सब्सिडी वाला राशन मुहैया कराएं। केंद्र सरकार ने राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर सभी पात्र दिव्‍यांगजनों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम – 2013 के तहत लाने को कहा है। जिन दिव्यांग व्यक्तियों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें आत्मनिर्भर भारत पैकेज योजना के तहत शामिल किया जाएगा।

दिव्यांगजनों को कैसे मिलेगी खाद्य सुरक्षा?

  • केंद्र सरकार देश में 81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अत्यधिक सब्सिडी वाला खाद्यान्न देती है. इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को एक रुपये से तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से पांच किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है
  • आत्म निर्भर भारत पैकेज उन व्यक्तियों के लिए है, जो NFSA या किसी भी राज्य योजना पीडीएस कार्ड के अंतर्गत नहीं आते हैं। इसलिए दिव्यांग व्यक्ति बिना राशन कार्ड के भी आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत लाभ पाने के लिए पात्र हैं।
  • 31 अगस्त 2020 को यह योजना समाप्त हो जाएगी। इसलिए सभी राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान करें जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं और उन्हें आत्म निर्भर भारत पैकेज के तहत लाभ प्रदान करें।
  • केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गरीब जनता को कोई समस्या ना आए इसको ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की थी।
  • इसके तहत गरीबों को मुफ्त राशन की योजना को नवंबर तक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ा दिया है।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के तहत परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया जाता है। एक किलो चने की दाल भी फ्री मिलती है. इसे प्रति माह हर परिवार को दिया जाता है।

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