Home » क्यों हुआ फिरोज़ शाह कोटला अरुण जेटली के नाम, जानिए वजह ?

क्यों हुआ फिरोज़ शाह कोटला अरुण जेटली के नाम, जानिए वजह ?

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

ग्राउंड रिपोर्ट। न्यूज़ डेस्क

फिरोज़शाह कोटला स्टेडियम की सूरत बदलने में अरुण जेटली का बड़ा योगदान था। जब उन्होने डीडीसीए अध्यक्ष पद की कुर्सी संभाली तो फिरोज़ शाह कोटला को विश्वस्तरीय बनाने का जिम्मा उठाया, फंड की कमी होने के बावजूद उन्होने फिरोज़शाह कोटला को शानदार बना दिया था। उनके क्रिकेट के प्रति लगाव और फिरोज़ शाह कोटला के कायाकल्प में अहम भूमिका निभाने की वजह से डीडीसीए ने स्टेडियम का नाम फिरोज़ शाह कोटला से बदलकर अरुण जेटली करने का फैसला किया।

Arun Jaitley with Scindia and Rajiv Shukla

1999 में जब जेटली ने डीडीसीए अध्यक्ष पद की कमान संभाली तब स्टेडियम की हालत बहुत खराब थी। जेटली ने स्टेडियम में 43 वातानुकूलित कॉर्पोरेट बॉक्स बनाने का फैसला किया जिसमें एक सीट की कीमत 1 लाख रुपए रखी गई। इस फैसले से डीडीसीए को 13 करोड़ का फायदा हुआ। जेटली को क्रिकेट से लगाव कॉलेज के समय से ही था। उनके इसी लगाव की वजह से ही फिरोज़ शाह कोटला स्टेडियम को उसके मौजूदा रुप में देख पा रहे हैं।

फिरोज़ शाह कोटला स्टेडियम का इतिहास

READ:  Dowry in India: 19 women die everyday, Why it is not ending?

यह एक क्रिकेट स्टेडियम है जो दिल्ली के बहादुर शाह ज़फर मार्ग पर स्थित है। इसे 1883 में सुल्तान फिरोज़ शाह तुग़लक ने बनवाया था, उन्ही के नाम पर इसका नाम फिरोज़ शाह कोटला पड़ा। कोलकाता के ईडन गार्डन के बाद यह देश का दूसरा सबसे पुराना स्टेडियम है जो आज भी परिचालन में है।