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कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, मोदी सरकार को बड़ा झटका

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सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है वहीं मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। हांलाकि सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए तीनों कृषि कानून पर रोक लगा दी है। इस रोक के बाद ये कानून अगले आदेश तक लागू नहीं सकेंगे।

सर्वोच्च न्यायालय ने इन कानूनों पर चर्चा के लिए एक समिति गठन किया है। इस समिति में हरसिमरत मान, कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी, डॉ प्रमोद कुमार जोशी (पूर्व निदेशक राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन), अनिल धनवत के नाम कमिटी के सदस्य के तौर पर सुझाए गए हैं।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसान संगठन नहीं चाहते थे कि इसके लिए को समिति बनाई जाए। किसान समिति का विरोध कर रहे थे लेकिन मंगलवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इसके लिए अंतरिम आदेश देगा। इस दौरान किसानों का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि, किसान संगठन सुप्रीम कोर्ट की ओर से समिति गठित किए जाने के पक्ष में नहीं हैं और वो समिति के समक्ष नहीं जाना चाहते हैं।

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वहीं कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि, अगर किसान सरकार के समक्ष जा सकते हैं तो कमिटी के समक्ष क्यों नहीं? अगर वो समस्या का समाधान चाहते हैं तो हम ये नहीं सुनना चाहते कि किसान कमिटी के समक्ष पेश नहीं होंगे। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि, हमें समिति बनाने का अधिकार है। जो लोग वास्तव में हल चाहते हैं वो कमेटी के पास जा सकते हैं। समिति हम अपने लिए बना रहे हैं, कमेटी हमें रिपोर्ट देगी। कमेटी के समक्ष कोई भी जा सकता है। किसान या वो वकील के माध्यम से भी कमेटी के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं।

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