Farmers protest singhu border: another farmer suicides during kisan andolan, till now 57 farmers died

‘सरकार सुन नहीं रही, जान दे रहा हूं ताकि कोई हल निकल सके, मेरा अंतिम संस्कार यहीं करना’

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Farmers Protest Singhu Border Kisan Andolan farmer suicide: दिल्ली सटे सिंघु बॉर्डर पर आज फिर एक किसान ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले किसान का नाम कश्मीर सिंह (Kisan Kashmir Singh) है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था। 2 पेज के सुसाइड नोट में किसान आंदोलन के दौरान आत्महत्या करने वाले किसान कश्मीर सिंह ने लिखा है कि, यह सरकार सुन नहीं रही है, इसलिए अपनी जान दे रहा हूं ताकि कोई हल निकल सके। मेरा अंतिम संस्कार आंदोलन स्थल पर कर देना। (Farmers Protest Singhu Border Kisan Andolan farmer suicide)

READ:  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रद्द की SC/ST एक्ट के तहत बलात्कार की सज़ा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसान कश्मीर सिंह ने शनिवार सुबह गाजियाबाद नगर निगम के दिव्यांग शौचालय में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। इस दौरान जब एक सफाई कर्मी शौचालय की सफाई करने पहुंचा उसने कश्मीर सिंह का शव फंदे से झूलते देखा। सफाई कर्मचारी ने इसकी जानकारी किसान नेताओं को दी। (Farmers Protest Singhu Border Kisan Andolan farmer suicide)

अमरिंदर सिंह की हत्या करने पर 7 करोड़ का इनाम, पोस्टर हुआ जारी

कश्मीर सिंह की आत्महत्या की खबर मिलते ही आंदोलन कर रहे किसानों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इस जानकारी पुलिस को दी गई। जिसके बाद घटना स्थल पर पहुंच पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और तफ्तीश शुरू की। पुलिस को इस दौरान एक दो पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कश्मीर सिंह ने लिखा है, यह सरकार सुन नहीं रही है, इसलिए अपनी जान दे रहा हूं ताकि कोई हल निकल सके। मेरा अंतिम संस्कार आंदोलन स्थल पर कर देना।

READ:  #FarmersProtest: Farmers question government

MSP in Agriculture : क्या होता है न्यूनतम समर्थन मूल्य ? • Agriculture

जानकारी के मुताबिक, आत्महत्या करने वाले 70 वर्षीय कश्मीर सिंह रामपुर जिले के रहने वाले हैं। वे पिछले कई दिनों से किसानों के साथ कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। इस किसान आंदोलन में उनका बेटा और पोता भी शामिल हैं। कश्मीर सिंह की आत्महत्या के बाद अब तक किसान आंदोलन के दौरान 57 किसानों की मौत हो चुकी है, लेकिन सरकार अब तक कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं।