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Farmers protest के छह महीने पूरे, संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषित किया काला दिवस

Farmers protest के छह महीने पूरे; संयुक्त किसान मोर्चा आज मनाएगा काला दिवस !
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Ground Report | News Desk |Farmers Protest | Farmers observe black day पिछले साल सितम्बर में सरकार द्वारा पारित तीन विवादित कृषि कानून के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों को आज छह महीने पूरे हो गए है। संयुक्त किसान मोर्चा, लगभग 30 किसान संघों का एक समूह, जो की कानूनों का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने आज के दिन को “काला दिवस” (Black Day) के रूप में मनाने की घोषणा की है।

अभी के हालत ? Current Situation of Farmers protest

विपक्षी दलों ने भी एक संयुक्त बयान में कहा है की वह संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 26 मई को देशव्यापी विरोध दिवस समर्थन करता है। हाल ही में हिसार के जिला प्रसाशन ने किसानो के खिलाफ दर्ज़ हुई एफआईआर को ख़ारिज कर दिया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि विरोध या रैली के लिए कोई अनुमति नहीं दी है और प्रदर्शनकारियों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की अपील की। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है की कोई मार्च नहीं होगा पर किसान और उनकी इस मुहीम के समर्थक जहा भी है वह वहा से काला झंडा फ़ैऱायेंगे।

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बढ़ाई गयी सुरक्षा

केंद्र सरकार ने किसान संघ के साथ कम से कम 12 दौर की औपचारिक बातचीत की है और यहां तक कि छह महीने के लिए कानूनों को ठंडे बस्ते में डालने का फैसला किया है, पर किसानों ने साफ़ कर दिया है की जब तक कानून निरस्त नहीं होंगे वह पीछे नहीं हटेंगे। विशेषज्ञों की राय है की इस वक़्त कोई भी प्रदर्शन या रैली कोरोना का सुपर स्प्रेडर (Super Spreader) बन सकता है, यानी कोरोना को फैलाव अधिक हो सकता है। जानकारी के लिए बता दें की किसान नवम्वर से दिल्ली के सिंघु, ग़ाज़ीपुर और टिकरी बॉर्डर पर बैठे हुए है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा है की आज के दिन को मद्देनज़र रखते हुए और पुलिस बल को बॉर्डर पर तैनात कर दिया है।

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लगातार बारिश और कोरोना की दूसरी लहर से किसानो की संख्या कम ज़रूर हुई है बॉर्डर पर संगठन का कहना है की सभी किसान तभी हटेंगे जब ये कानून वापिस होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने इस धरने को ऐतिहासिक कहा है, और बताया है की वह महज़ वोटर नहीं है और अपने हक़ के लिए लड़ने से वह कभी पीछे नहीं हटेंगे।

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