खैय्याम के निधन के साथ एक युग का अंत- लता मंगेश्कर

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एम एस नौला| ग्राउंड रिपोर्ट

पद्म भूषण से नवाजे गए जाने-माने संगीतकार खैय्याम’ का मुंबई में आज निधन, हो गया। ‘कभी-कभी’ तथा ‘उमराव जान’ के इस संगीतकार के निधन से बॉलीवुड सदमे में है। 92 वर्षीय खैयाम संगीत के उच्च श्रेणी में आते थे जो मौसिकी की कद्र के लिए समझौता करने के लिए कभी तैयार नहीं होते थे। उन्होंने अपनी शर्तों पर काम किया और अपने संगीत से बॉलीवुड को ऊंचाइयां दी। उन्हें आठ अगस्त को लिवर इनफैक्शन के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें आईसीयू में भर्ती कर दिया गया था।

खय्याम को रजिया सुल्तान ,नूरी, कभी कभी ,त्रिशूल जैसी फिल्मों के संगीत के लिये याद किया जाता रहेगा । उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। लता मंगेशकर ने कहा कि उनके निधन के साथ एक युग का अंत हो गया।