Faceless Tax Scheme : इन 8 प्वाइंट में समझें, क्या है फेसलेस टैक्स स्कीम ?

Faceless Tax Scheme : इन 8 प्वाइंट में समझें, क्या है फेसलेस टैक्स स्कीम ?

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Faceless Tax Scheme : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश में टैक्स सुधारों को लेकर कुछ नई घोषणाएं की हैं। पीएम मोदी ने ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन प्रोग्राम (पारदर्शी टैक्सेशन व्यवस्था-ईमानदारों को सम्मान) की लॉन्चिंग की। इसके तहत 3 सुविधाएं शुरू की गई हैं, जो फेसलेस असेसमेंट (Faceless Assessment), फेसलेस अपील (Faceless Appeal) और टैक्सपेयर्स चार्टर (Taxpayers Charter) हैं।

उन्होंने देश में पहली बार टैक्सपेयर्स चार्टर जारी किया है। ईमानदार टैक्सपैयर्स यानी करदाताओं के लिए एक नए मंच ‘Transparent Taxation- Honoring the Honest’ यानी ‘पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान’ का उद्घाटन किया है।

विश्व आदिवासी दिवस: संघर्ष और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है आदिवासी समुदाय

इन 8 प्वाइंट की मदद से समझें, क्या है Faceless Tax Scheme ?

  • पीएम मोदी ने गुरुवार को टैक्सपेयर्स चार्टर लागू करते हुए Faceless Assessment Scheme की घोषणा की है। यह नई योजना 25 सितंबर, 2020 से लागू हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य टैक्सेशन प्रोसेस में विश्वास और पारदर्शिता लाना है। इसके लिए ट्रासंपैरेंट टैक्सेशन यानी पारदर्शी कराधान मंच बनाया गया है।
  • टैक्सपेयर्स और टैक्स ऑफिसर्स को नो-ह्यूमन कॉन्टैक्ट यानी बिना किसी दूसरे व्यक्ति से संपर्क किए बिना असेसमेंट की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा दी जा रही है। इससे यह सुनिश्चित हो पाएगा कि इनकम टैक्स ऑफिस और टैक्सपेयर्स के बीच में किसी तरह का कोई डायरेक्ट लिंक न रहे, जिसके चलते किसी तरह के दबाव की स्थिति से बचा जा सके।
  • कोई भी असेसमेंट और टैक्सपेयर का चुनाव एक कंप्यूटर के जरिए किया जाएगा और वक्त-वक्त पर यह बदल जाएगा। असेसमेंट के लिए डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके चलते टैक्सपेयर्स को अपनी शिकायतें लेकर इनकम टैक्स के ऑफिस नहीं जाना होगा।
  • टैक्सपेयर्स को असेसमेंट के अधिकार क्षेत्र के नियमों से भी मुक्ति दे दी गई है। यानी कि अब टैक्सपेयर्स किसी भी शहर का हो, उसका असेसमेंट कंप्यूटर के चुनाव के साथ कहीं भी कराया जा सकता है। कोई भी केस किस टैक्स अफसर को मिलेगा, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी।
  • फेसलेस टैक्स असेसमेंट स्कीम की सुविधा कुछ मामलों में नहीं मिलेगी। गंभीर धोखाधड़ी, टैक्स चोरी करना, संवेदनशील और जांच वाले मामलों में, इंटरनेशनल टैक्स, काला धन कानून और बेनामी संपत्ति के मामलों में यह सुविधा नहीं मिलेगी।
  • टैक्स प्रणाली को निर्बाध, निर्जीव, फेसलेस करने पर जोर दिया गया है। निर्बाध, यानि की आयकर विभाग हर करदाता को उलझाने के बजाय समस्या सुलझाने के लिए काम करे। इसमें सभी नियम सरल होंगे। 
  • वर्ष 2012-13 में जितने टैक्स रिटर्न्स होते थे, उसमें से 0.94 फीसदी की स्क्रूटनी (जांच) होती थी। वर्ष 2018-19 में ये आंकड़ा घटकर 0.26 फीसदी पर आ गया है। यानि केस की स्क्रूटनी, करीब-करीब 4 गुना कम हुई है। 
  • बीते 6-7 साल में इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब ढाई करोड़ की वृद्धि हुई है। लेकिन ये भी सही है कि 130 करोड़ के देश में ये अभी भी बहुत कम है। इतने बड़े देश में सिर्फ डेढ़ करोड़ साथी ही इनकम टैक्स जमा करते हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।