Why Eid Milad-un-Nabi is celebrated, know the history and importance of this day

Eid-e-Milad 2020 : क्यों मनाया जाता है Eid Milad-un-Nabi, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Eid-e-Milad 2020 : भारत समेत दुनियाभर में ईद मिलाद उन नबी (Eid Milad Un Nabi) या ईद-ए-मिलाद (Eid-e-Milad) का पर्व मनाया जाता है। मीलाद उन नबी संसार का सबसे बड़ा जशन माना जाता है। इस दिन ईद मिलाद उन नबी की दावत का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही मोहम्मद साहब की याद में जुलूस भी निकाले जाते हैं। हालांकि इस साल कोरोना महामारी के कारण बड़े जुलूस या समारोह के आयोजन की संभावना कम है।

Eid-e-Milad 2020 पर लोग खुशी का इज़हार करते हैं

ईद मिलाद उन नबी पर लोग अपने घरों से निकलकर खुशी का इजहार करते हैं और बड़ी तादाद में इकट्ठा होकर जुलूस निकाला जाता है। जुलूस में बच्चे, बड़े और बुजुर्ग नात शरीफ (पैगंबर मुहम्मद की तारीफ में पढ़ा जाने वाला कलाम) पढ़ते हैं। साथ ही जुलूस में पैगंबर की शिक्षाओं के बारे में बयान किया जाता है। इस दिन मस्जिद, घरों, सड़कों को सजाया जाता है और जरूरतमंद लोगों की मदद की जाती है।

READ:  कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी के निधन के बाद अब 28 सीटों पर होगा उपचुनाव

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने इस कारण दिया इस्तीफा

इस्लामी चंद्र कैलेंडर के मुताबिक, भारत में 19 अक्टूबर से रबी-उल-अव्वल का महीना शुरू हो चुका है। भारत समेत पाकिस्तान और बांग्लादेश में 30 अक्टूबर को ईद मिलाद उन नबी की दावत होगी। पैगंबर मोहम्मद साहब की याद में इस दिन समुदाय के लोग जुलूस निकालते हैं, लेकिन इस साल कोरोना के चलते ऐसा होना मुश्किल है।

इस्लाम धर्म के मानने वालों का यह एक प्रमुख त्यौहार है

इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक, मोहम्मद साहब का जन्म सन् 570 में सऊदी अरब में हुआ था। इस्लाम के ज्यादातर विद्वानों का मत है कि मोहम्मद का जन्म इस्लामी पंचांग के तीसरे महीने के 12वें दिन हुआ है। अपने जीवनकाल के दौरान, मुहम्मद साहब ने इस्लाम धर्म की स्थापना की, जो अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित था।

READ:  5 दिसंबर से शुरू होगा J P Nadda का देशव्यापी दौरा, 2024 चुनाव की तैयारी

बिना इजाजत कोई नहीं कर पाएगा आपको WhatsApp ग्रुप में एड, करें ये सेटिंग

मीलाद उन-नबी इस्लाम धर्म के मानने वालों के कई वर्गों में एक प्रमुख त्यौहार है। इस शब्द का मूल मौलिद है जिसका अर्थ अरबी में “जन्म” है। अरबी भाषा में ‘मौलिद-उन-नबी’ का मतलब है हज़रत मुहम्मद का जन्म दिन है। सन् 632 में पैगंबर मोहम्मद साहब की मृत्यु के बाद, कई मुसलमानों ने विविध अनौपचारिक उत्सवों के साथ उनके जीवन और उनकी शिक्षाओं का जश्न मनाना शुरू कर दिया।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।