दशहरे से पहले रावण की ‘दर्दनाक मौत’ पर किसी की निकली चींख, कोई फफक कर रो पड़ा…

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Ground Report | Bhopal

एक और जहाँ रावण दहन पर पूरा देश हर्षोल्लास होता है वहीं दशहरे से एन पहले रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण की हुई ‘दर्दनाक मौत’ से कारीगर और मजदूर सदमें में हैं।

दरअसल बारिश के प्रकोप के आगे भगवान भी बेबस नज़र आ रहे हैं तो फिर रावण की क्या मजाल। मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहाँ दोपहर आई तेज़ बारिश ने रावण के पुतले बनाने वाले कारीगरों का ‘ग़रीबी में आटा गीला’ कर दिया।

तेज़ बारिश के आगे ज्यादातर कारीगर और मजदूर बेबस नज़र आये। करीब 90 फीसद तैयार हो चुके ये पुतले दहन के लिए पूरी तरह तैयार थे लेकिन अचानक आई बारिश में पुतले ‘आटे की लुग्दी’ बन चुके थे।

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कोई उस पर त्रिपाल और पन्नी ढंकने की कश्मकश में था तो कोई उन पुतलों को अपनी झोपड़ी के नीचे करने की जद्दोजहद करता नजर आया।

भोपाल में ऐसे करीब 300 कारीगर हैं जो रावण दहन के लिए पुतले तैयार कर रहे हैं उन्हीं में से एक हैं भोपाल के बांस खेड़ी इलाके की रहने वाली हेमा। जो पिछले कई दिनों से इन पुतलो को तैयार कर रही हैं लेकिन तेज़ बारिश ने जैसे ही उनकी मेहनत पर पानी फेरा तो वे फफक कर रो पड़ीं।

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