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ज़मानत मिलने के बावजूद डॉ. कफील ख़ान की रिहाई के बजाए लगा दी NSA

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में भड़काऊ बयान देने के आरोप गोरखपुर के डॉ. कफील खान के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की है। अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरी ने बताया, ‘डॉ. कफील खान के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है और वे जेल में ही रहेंगे।

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बीते साल दिसंबर में एएमयू में सीएए के विरोध में भाषण देने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मुंबई में गिरफ्तार करने के बाद अलीगढ़ लाया गया था मगर उन्हें फौरन मथुरा जेल भेज दिया गया था। उसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी मगर डॉ. कफील को जमानत मिलने के बावजूद रिहा नहीं किया गया था। जमानत के आदेश देर से पहुंचने के कारण गुरुवार को मथुरा जिला कारागार से रिहाई नहीं हो पाई थी।

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मथुरा जिला कारागार के जेलर अरुण पाण्डेय ने बताया था, ‘चूंकि कफील खान की रिहाई का आदेश देर शाम मिला है इसलिए उनकी रिहाई गुरुवार न होकर शुक्रवार की सुबह हो पाएगी।’ लेकिन उनकी रिहाई से पहले ही यूपी पुलिस ने उन पर रासुका लगा दिया।

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डॉ. खान 2017 में उस समय सुर्खियों में आए थे जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत एक सप्ताह के भीतर हो गई थी। डॉ. खान को 2017 में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज से निलंबित कर दिया गया था क्योंकि इंसेफेलाइटिस से प्रभावित कई शिशुओं की मृत्यु हो गई थी। उन्हें एन्सेफलाइटिस वार्ड में अपने कर्तव्यों के कथित अपमान के लिए और एक निजी प्रैक्टिस चलाने के लिए भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, पिछले साल उन्हें अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया था।

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