ज़रुर पढ़ें: डॉ. सीएस प्रमेश ने बताए कोरोना से बचने के कारगर तरीके

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कोरोना की दूसरी लहर से हर कोई घबराया हुआ है। ऐसे में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई के डायरेक्टर डॉ. सीएस प्रमेश ने ज़रुरी और काम की सूचना साझा की है। उन्होने अपने ट्वीट में बताया है कि कैसे कोरोना से बचा रहा जा सकता है।

हम आपके लिए डॉ. सीएस प्रमेश का ट्वीट हिंदी में साझा कर रहे हैं। यह सूचना आप ज्यादा से ज्यादा लोगों से साझा करें।

डॉ. सीएस प्रमेश लिखते हैं कि देश में कोरोना के आंकड़े चिंताजनक ज़रुर हैं लेकिन हमारे पास दो ही विकल्प हैं। या तो हम सिस्टम पर गुस्सा निकालें। या दूसरा खुद को संक्रमित होने से बचाएं और अगर संक्रमित हो गए हैं, तो उसके दुष्प्रभावों से खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखें।

संक्रमित होने से कैसे बचें?

सबसे पहले सभी ज़रुरी एहतियातों का पालन करें जो हमें पता हैं। इसमें मास्क लगाना (जब भी अकेले न हों), सामाजिक दूरी (जितना संभव हो), बार-बार हाथ धोना शामिल हैं। तीन W का नियम याद रखें- Wear a mask, Watch your distance, Wash your hands.

मास्क काम करता है, और यह अभी तक का सबसे कारगर माध्यम है कोरोना वायरस को फैलने से रोकने का। व्यक्ति के मुंह और नाक से निकलने वाले एरोसोल को यह रोकने में कारगर है। सबसे बेहतर है अगर आप एन-95 मास्क का प्रयोग करें, अब यह आसानी से बाज़ार में उपलब्ध है और ज़्यादा महंगा भी नहीं है। साथ ही आप इसे दोबारा भी उपयोग कर सकते हैं।

एन-95 मास्क का किफायती उपयोग कैसे करें? आप 5 मास्क खरीदिये और उन्हें बदल-बदल कर इस्तेमाल करें। यह सुरक्षित तो है ही इससे आपकी जेब पर भी ज्यादा भार नहीं पड़ेगा। साथ ही यह पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा। इसके अलावा आप दो मास्क का भी उपयोग कर सकते हैं, पहले सर्जिकल मास्क पहनें फिर उसके उपर कपड़े का मास्क लगाएं।

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कितना करें सामाजिक दूरी का पालन?

इसका सबसे सरल जवाब होगा, जितना हो सके उतना। कम से कम 6 फीट की दूरी बनाएं, नहीं तो 3 फीट की दूरी तो बहुत ही आवश्यक है। जितना हो सकता है भीड़ से दूर रहें। दूसरे लोगों से तभी मिले जब बहुत ज़रुरी हो। ज़्यादातर मीटिंग्स वर्चुअली की जा सकती है, वॉट्सएप वीडियो कॉल या ज़ूम पर।

घर के बाहर निकलना ज्यादा बेहतर है घर में कैद रहने से। खुले हुए पार्क और गार्डन में आप जा सकते हैं (जहां सरकार की अनुमति है), यानी जितना हो सकता है वैंटीलेशन का ध्यान रखें। बड़े-बड़े जन समारोह में जाने से बचें। जैसे शादी ब्याह, पार्टी और हां चुनावी रैलियों और धार्मिक कार्यक्रमों से दूरी बनाएं।

जल्द से जल्द लगवाएं वैक्सीन

दूसरी ज़रुरी बात, जितना जल्दी हो सके वैक्सीन लें। भारत में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग वैक्सीन ले सकते हैं। वैक्सीन लेने के बाद संक्रमित होने की संभावना 70-80 फीसदी घट जाती है। 95 फीसदी संभावना होती है कि आपको कोई गंभीर समस्या नहीं होगी।

कई लोग कौनसी वैक्सीन ले इस बात पर बहस में उलझे हैं। अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं हुई है जो बता सके की दोनो में से कौनसी वैक्सीन बेहतर है। तो जो वैक्सीन आपको मिले वह जल्द से जल्द लगावा लें।

वैक्सीन के साईड इफेक्ट का क्या?

डॉ. सीएस प्रमेश लिखते हैं कि हमने ब्लड क्लॉट जैसे साईड इफेक्ट के बारे में सुना है। हां ऐसा हो सकता है, लेकिन यह बहुत दुर्लभ मामलों में ही देखा गया है। इसके मुकाबले वैक्सीन के फायदे अधिक हैं। इससे जोखिम को कम किया जा सकता है।

क्या करें जब आप संक्रमित हो जाएं?

सभी एहतियात बरतने के बाद भी आप संक्रमित हो सकते हैं और हां,अगर आपने वैक्सीन ले रखी है तब भी। याद रखिए कोई भी वैक्सीन 100 फीसदी इफेक्टिव नहीं है, लेकिन 70-95 फीसदी तक इफेक्टिव हैं, जो ज़ीरो से तो बेहतर है।

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संक्रमित होने के पहले से ही तैयारी रखें। थर्मोमीटर, पल्स ऑक्सीमीटर घर में ज़रुर रखें, नहीं है तो आज ही खरीद लें। यह दो इंस्ट्रूमेंट संक्रमित होने के बाद बेहद काम आने वाले हैं।

सबसे पहले कोविड हो जाने के बाद घबराएं नहीं। 98 फीसदी मामलों में गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती। खुद को तुरंत आईसोलेट कर लें। यह आप घर पर भी कर सकते हैं अगर संभव हो।

अपने शरीर का तापमान चेक करें, इसका एक चार्ट तैयार कर लें। इसी तरह पल्स ऑक्सीमीटर पर अपना ऑक्सीज़न लेवल और पल्स चेक करें। यह आपको दिन में दो से तीन बार करना है। ऑक्सीमीटर पर रीडिंग लेने से पहले 6 मिनट थोड़ा पैदल चलें। खुद को हाईड्रेटेड रखना ज़रुरी है, इसलिए यह सुनिश्चित करें की आप दिन भर खूब पानी और जूस पिएं। खुद को पॉज़िटिव और सकारात्मक रखें, आप इस समस्या से जल्द पार पा लेंगे ।

कैसे पता करें की आपको मेडिकल मदद की ज़रुरत है?

अगर ऑक्सीमीटर में आपका बेसलाईन सेचुरेशन लेवल 94 फीसदी से कम आता है और इसमें छह मिनट चलने के पहले और बाद में 4 फीसदी या उससे ज्यादा का अंतर आता है तो आपको चिंता करने की ज़रुरत है। ऐसी स्थिति में अपने नज़दीकी अस्पताल से संपर्क करें। पेट के बल लेट जाएं।

कौनसी दवा लें?

अगर आपका ऑक्सीज़न लेवल ठीक है और आपको बुखार के अलावा कोई दूसरा लक्षण नहीं है तो आपको पैरासिटामोल की ही बस ज़रुरत है।

Budesonide इन्हेल करने से आप जल्द रिकवर हो सकते हैं, इसके कुछ साक्ष्य हैं लेकिन इसके बारे में इतना पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता की इससे मरीज़ को बचाया जा सकता है। Favipiravir/ Ivermectin के बारे में भी यह साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दवाओं को खरीद कर रखने में अपना समय खर्च न करें।

ऑक्सीज़न लेवल कम हो जाने पर पेट के बल लेटना और मरीज़ को ऑक्सीज़न देना सबसे कारगर तरीका है। और गंभीर स्थिति में (Dexamethasone) मददगार है।

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#Remdesivir, #Tocilizumab and #ConvalescentPlasma के बारे में क्या?

रेमडेसिविर ज्यादा मददगार नहीं है, और सभी मरीज़ों पर तो बिल्कुल नहीं। केवल कुछ मरीज़ों के लिए ही यह कारगर है। जैसे वो मरीज़ जिनको ऑक्सीज़न की ज़रुरत है लेकिन वैंटीलेटर पर रखने जैसी स्थिति नहीं है। और यहां भी इससे मरीज़ को बचाने में मदद मिलेगी यह कहा नहीं जा सकता। शायद मरीज़ को जल्द ठीक करने में मदद मिल सकती है।

यह अपने डॉक्टर को तय करने दें कि आपको किस दवा की ज़रुरत है। बहुत ही कम परिस्थितियों में ये दवाएं कारगर हैं इसलिए अपने डॉक्टर पर कोई दवा देने का दबाव न बनाएं। देश में इन दवाओं की कमी ज़रुरत न होने पर भी प्रिस्क्रिप्शन देने की वजह से हो रही है।

#ConvalescentPlasma से मरीज़ के ठीक होने के भी इतने साक्ष्य नहीं हैं। अभी तक जितनी स्टडी हुई हैं उसमें यहीं आया है कि इसका कोई फायदा नहीं है। इसलिए डोनर ढूंढने में अपना समय न खर्च करें।

अगर कम शब्दों में कहा जाए तो यह सही होगा की यह हम सभी के लिए कठिन समय है। पर हम सभी मिलकर कारगर एहतियातों का पालन करके खुद को और अपने परिजनों को सुरक्षित रख सकते हैं। हम सभी जल्द इस समस्या से निजात पा लेंगे। तब तक सुरक्षित रहिए।

सौजन्य- डॉ. सीएस प्रमेश, डायरेक्टर टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई

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