Home » HOME » बदलते मौसम में सर्दी-ज़ुकाम होने पर क्या करें क्या न करें ?

बदलते मौसम में सर्दी-ज़ुकाम होने पर क्या करें क्या न करें ?

अस्थमा के मरीज़

सर्दी-ज़ुकाम सीजनल बीमारी है जो आमतौर पर इंफेक्शन की वजह से होती है। डॉक्टरों की मानें तो साल भर में 1-2 बार सर्दी जुकाम होने से आपके फेफड़े की सफाई हो जाती है, इसलिए इस बीमारी से बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। वैसे तो सर्दी-जुकाम 1 से 2 सप्ताह के अंदर अपने आप ही ठीक हो जाता है लेकिन अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम हो तो डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि इसका संबंध आपकी कमजोर इम्यूनिटी से हो सकता है।

सर्दी-ज़ुकाम होने पर क्या करें

  • सर्दी-ज़ुकाम के लिए कुछ आसान से उपाय करना ही पर्याप्त होता है। क्योंकि ये समस्या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि, इसके कारण होने वाली समस्याएं व लक्षण परेशान करने वाले होते हैं और रोज़मर्रा के काम में बाधा बनते हैं।
  • सर्दी-ज़ुकाम होने पर आराम करना बहुत ज़रूरी होता है। इर हालात में शरीर को कीटाणुओं से लड़ने के लिए ताकत चाहिए होती है और काम करते समय हम अपनी ताकत का प्रायोग उस काम में करने लगते हैं। इसलिए सर्दी ज़ुखाम होने पर जितना हो सके उतना आराम करें, ताकि आप जल्दी सो सकें।
  • नाक बंद होने पर आप मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली नाक खोलने की दवाओं का प्रयोग कर सकते हैं। बाज़ार में नाक के लिए स्प्रे भी उपलब्ध होते हैं, जिनका प्रयोग किया जा सकता है।
  • ज़ुकाम होने पर नाक छिनकना ज़रूरी होता है ताकि बलगम बाहर निकल सके। हालांकि , बहुत प्रेशर से नाक छिनकने से आपको कान में दर्द हो सकता है। सही तरीके से नाक छिनकने के लिए अपनी नाक के एक छेद को उंगली से बंद कर लें और दूसरे छेद से नाक बाहर निकालें।
  • गरारे करने से गला तर होता है और कुछ समय के लिए आराम मिलता है। इसके लिए एक गिलास पानी गर्म कर लें और उसमें एक चमम्मच नमक मिला दें। इसके बाद पानी को थोड़ा ठंडा होने दें और फ़िर गरारे करें। सर्दी ज़ुकाम के लिए आपको दिन में 3 से 4 बार गरारे करने चाहिए ।
  • अगर आप सर्दी ज़ुकाम के लिए दवाएं ले रहे हैं, तो इस बात का भी ध्यान रखें कि इन दवाओं के दुष्प्रभाव भी होते हैं। इसलिए कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात जरूर कर लें।
READ:  Why India need disabled-friendly infrastructure?

सर्दीजुकाम होने पर क्या न करें

  • कुछ लोगों को बदलते मौसम के साथ एडजस्ट होने में समय लगता है।विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को। उन्हें इस दौरान एहतियात बरतने की जरूरत होती है। थोड़ी लापरवाही हुई नहीं कि सर्दी-जुकाम, कफ आदि की समस्याएं खड़ी हो जाती हैं।
  • अगर आप सुबह सैर के लिए निकलते हैं तो आधा-एक घंटा देर से जाना शुरू करें, ताकि सवेरे की ठंड से बचाव हो सके। हल्की-हल्की गुनगुनी धूप में जाएं तो भी कोई हर्ज नहीं है। विटामिन-डी का सेवन भी हो जाएगा।
  • खट्टी चीजें जैसे दही और नींबू के साथ ही चावल, पोहे, दूध और देशी घी जैसी चीजों से कफ भी हो सकता है। डिब्बाबंद खाद्य पदार्थो में बहुत अधिक मात्रा में फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप, सोडियम जैसी चीजें मिली होती हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं।
  • धूम्रपान करने वालों को अपेक्षाकृत सर्दी जुकाम जल्दी प्रभावित करता है। खासकर सिगरेट पीने से फेफड़ों की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं जो स्थिति को अधिक गंभीर बना देती हैं। इसलिए सर्दी जुकाम के दौरान सिगरेट न पियें।
  • जुकाम-खांसी में तला खाना जैसे फ्राइड पोटैटो, पकोड़े, रोल्स, परांठे अवॉइड करें। इसी के साथ मैदे से बनी चीज़े ब्रेड, पास्ता, मैगी, भटूरे, कुल्चे इन सब को भी जुकाम-खांसी ठीक होने से पहले ना खाएं।
READ:  Why India need disabled-friendly infrastructure?

क्या दिल्ली दोबारा लॉकडाउन की ओर बढ़ रही है?

You can connect with Ground Report on FacebookTwitter and Whatsapp, and mail us at GReport2018@gmail.com to send us your suggestions and writeups.