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New Parliament : क्या इस देश को नए संसद भवन की ज़रूरत है ?

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देश में एक नया संसद भवन (New Parliament) बनने जा रहा है। पुराने और एक ऐतिहासिक संसद भवन के पास ही इस नए संसद भवन का निर्माण किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ नए संसद भवन को बनाने में 970 करोड़ का ख़र्च आने अनुमान है। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया। इस नए संसद भवन का भूमिपूजन 10 दिसंबर को पीएम मोदी द्वारा किया जाएगा।

64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनेगी नई इमारत

लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने नए संसद भवन के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि संसद की नई इमारत (New Parliament) पुराने संसद भवन से 17,000 वर्गमीटर बड़ी होगी। इमारत की डिजाइन एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है। नए भवन को बनने में 971 करोड़ का ख़र्च आएगा। इस इमारत को 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। देश में बनने जा रहे नए संसद भवन का ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है।

लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला कहा कि आज़ादी के 75 साल पूरे होने पर हम नए संसद भवन में दोनों सदनों के सत्र की शुरुआत करेंगे। ओम बिरला ने कहा कि लोकसभा हॉल 1224 सदस्यों को एक साथ समायोजित करने में सक्षम होगा। नए संसद भवन में लोकसभा सदस्यों के लिए लगभग 888 सीटें और राज्यसभा सदस्यों के लिए 326 से अधिक सीटें होंगी।

क्या देश को नए संसद भवन (New Parliament) की ज़रूरत है?

भारतीय मीडिया ने अब दिन-रात इस संसद भवन (New Parliament) की ख़ूबिया गिनाना शुरू कर दिया हैं। इस देश का मीडिया इस बनने जा रहे नए संसद भवन से जुड़े हर पहलू पर फटे हुए भोंपू की तरह चिल्ला-चिल्ला कर चर्चा करेगा सिवाए इसके, क्या इस देश को वास्तव में लगभग 1000 करोड़ की लागत से बनने वाले इस संसद भवन की ज़रूरत है?  क्या पुराना संसद भवन अब एक ज़र्रर इमारत में तब्दील हो गया है? क्या पुराने संसद भवन की छत बारिश में टपकती है ? क्या पुराने संसद भवन की दीवारों से पप्पड़ नेताओं के सर पर गिर रहे हैं ? इन सब सावालों का जवाब आप सभी जानते हैं।

GDP के मामले में बांग्लादेश से नीचे लुढ़क जाएगा देश

सरकार के लाख परदा डालने और आकंडे छिपाने के बाद भी ये जग ज़ाहिर है कि वर्तमान में भारत की आर्थिक स्थिति क्या है। करोड़ो युवा बेरोज़गारी की चपेट में है। किसान कर्ज़ से मर रहा रहा तो युवा नौकरी न मिलने से मौत को गले लगा रहा है। ये भी बात साफ है कि देश की आर्थिक स्थिति कोरोना और लॉकडाउन से पहले ही ख़राब थी। लॉकडाउन और कोरोना के बाद देश की आर्थिक स्थिति एक गंभीर संकट की ओर बढ़ रही है। आज भी देश में लोग भूख से मर जाया करते हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने हालही में  जारी अपनी “वैश्विक आर्थिक आउटलुक” रिपोर्ट में ये भविष्यवाणी की है। भारत इस साल प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मामले में बांग्लादेश से नीचे लुढ़क जाएगा।
  • IMF की रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 में बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति GDP 4 प्रतिशत बढ़कर 1,888 डॉलर होने की उम्मीद है। वहीं भारत की प्रति व्यक्ति GDP 10.5 प्रतिशत गिरकर 1,877 डॉलर हो सकती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ को क्या एक नए संसद भवन (New Parliament) की ज़रूरत है? हो ना हो, लेकिन इसके निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। हर बात पर ग़रीब-ग़रीब का राग रटने वाले मोदी की वर्तमान छवी में ग़रीबी उतनी ही दूर नज़र आती है जैसे ज़मीन से चांद ओ सूरज। बस वही एक सवाल जो पूछा जाना चाहिए, क्या देश को नए संसद भवन की ज़रूरत है ?

Why reservation is still necessary to uplift the depressed classes?

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