कानपुर में डेंगू का कहर, 90 मरीजों में डेंगू की हुई पुष्टि, अब तक 12 ने गवाई जान

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Ground Report। Nehal Rizvi

  • डेंगू से अब तक तीन बच्चों की मौत
  • हैलट उर्सला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड फुल
  • जांच में भी डेंगू के 45 मरीज मिलने की सूचना है
  • अभी तक शहर में 12 लोग डेंगू की वजह से जान गंवा चुके हैं

डेंगू से गुरुवार को तीन बच्चों की मौत हो गई। अभी तक शहर में 12 लोग डेंगू की वजह से जान गंवा चुके हैं। कई अन्य मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। गुरुवार के बुखार से पीड़ित 90 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से हैलट और उर्सला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड फुल हो गए हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

सिटी में डेंगू को कंट्रोल करने में नाकाम हेल्थ डिपार्टमेंट ने खानापूर्ति शुरू कर दी है। वेडनसडे सुबह एलएलआर हॉस्पिटल पहुंचे सीएमओ ने वहां 10 मच्छरदानी लगवाई। हालाकि वहां डेंगू के दर्जनों पेशेंट्स भर्ती हैं अगर सिर्फ एलएलआर हॉस्पिटल की बात करें तो 18 अक्टूबर तक यहां 668 डेंगू पेशेंट्स का इलाज हुआ।

उर्सला में ऐसे 90 मरीजों के खून की जांच की गई, इनमें से 42 में डेंगू की पुष्टि हुई। मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच में भी डेंगू के 45 मरीज मिलने की सूचना है। निजी पैथालॉजी में भी डेंगू के मरीज मिले हैं। कुल 90 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।

मेडिकल कॉलेज की लैब में भी वेडनसडे को 100 से ज्यादा सैंपल की जांच की गई। डेंगू के साथ वायरल फीवर का प्रकोप भी कम नहीं हुआ है। बिधनू के नगवां गांव में वायरल फीवर से एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई।

दोनों का नौबस्ता स्थित प्राइवेट हास्पिटल में इलाज चल रहा था।एलएलआर हॉस्पिटल और बालरोग अस्पताल में भर्ती हो रहे डेंगू पेशेंट्स की डेथ को लेकर अब आडिट होगा। मेडिसिन और पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट से इस संबंध में डेंगू पेशेंट्स का आंकड़ा मांगा गया है।