Demonstrations like Shaheen Bagh are not acceptable, public places cannot be occupied: Supreme Court

शाहीन बाग जैसे प्रदर्शन स्विकार्य नहीं, सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग धरना प्रदर्शन (Delhi Shaheen Bagh Protest) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक फैसला सुनाते हुए कहा है कि, शाहीन बाग जैसे प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं किए जा सकते हैं। इस तरह के विरोध प्रदर्शन (Shaheen Bagh) स्वीकार्य नहीं हैं और अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन अधिकारियों को किस तरीके से कार्य करना है यह उनकी जिम्मेदारी है।

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इतना ही नहीं इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को रास्ता जाम कर प्रदर्शन रहे लोगों को हटाना चाहिए, कोर्ट के आदेश का इंतजार नही करना चाहिए। हमें यह स्पष्ट करना होगा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चित काल तक कब्जा नहीं किया जा सकता है। केवल निर्दिष्ट क्षेत्रों में ही विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।

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एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, एक मामले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, आवागमन का अधिकार अनिश्चित काल तक रोका नहीं जा सकता है। CAA के समर्थकों और इसका विरोध करने वालों का अपना हिस्सा है। CAA को चुनौती अलग से इस अदालत के समक्ष लंबित है।

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बता दें कि नागरिक संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली स्थित शाहीन बाग में कई हफ्तों तक धरना प्रदर्शन चलता रहा था जिसके चलते कालिंदी कुंज-नोएडा सड़क बंद हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर से सड़क खुलवाने के लिए वार्ताकार नियुक्त किये गए थे। ये वार्ता 4 दिन तक चली जिसके बाद रास्ता खोल दिया गया था। रास्ते के बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यह सड़क जामिया से कालिंदी कुंज होते हुए नोएडा जाती है।

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