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कृषि मंत्रालय ने यह माना कि नोटबंदी का किसानों पर बुरा प्रभाव पड़ा

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न्यूज़ डेस्क।। आखिरकार सरकार के कृषि मंत्रालय ने यह बात मान ली है कि नोटबंदी का किसानों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। संसद की स्टैंडिंग कमेटी को कृषि मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में बताया कि नोटबंदी के बाद किसानों को रबी की फसल के लिए खाद और बीज खरीदने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि किसान खरीफ की फसल के बाद रबी की बुवाई की तैयारी कर रहा था और नोटबंदी हो गई।

यह आधिकारिक रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है जब प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में झाबुआ में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नोटबंदी को ज़रूरी कदम करार दिया था।

THE HINDU द्वारा इस रिपोर्ट का विश्लेषण किया गया जिसमें पाया कि नोटबंदी से लाखों किसान प्रभावित हुए। भारत के करोड़ों किसान नगद अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं। नोटबंदी के बाद नगदी की कमी नें किसानों को बीज तक खरीदने लायक नहीं छोड़ा। कांग्रेस सांसद वीरप्पा मोइली इस स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष हैं।

बताया जा रहा है कि इस कमेटी को कृषि मंत्रालय से यह रिपोर्ट हासिल करने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी है।

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GROUND REPORT’s VIEW

यह लगभग साफ हो गया है कि नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंची है। किसानों और मजदूरों को अचानक हुई नोटबंदी ने प्रभावित किया। जिस उद्देश्य से नोटबंदी की गई थी उसे पाया नहीं जा सका। लेकिन सरकार अभी भी आधिकारिक रुप से यह स्वीकारने से बच रही है। सरकार को नोटबंदी से हुए नुकसान का ब्यौरा देश के सामने रखना चाहिए ताकि इससे भविष्य में सबक लिया जा सके और प्रभावितों को सरकार आर्थिक मदद कर सके।