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भारत के लिए चिंता का विषय बना डेल्टा प्लस वेरिएंट

Delta Plus Variant | भारत के लिए चिंता का विषय बना डेल्टा प्लस वेरिएंट
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कोरोना का डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट (Corona Delta Plus Variant) चिंता बढ़ा रहा है। भारत में डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना का यह खतरनाक वैरिएंट अब 4 राज्‍यों में फैल चुका है। इन राज्‍यों में अब तक इसके कुल 40 मरीज सामने आ चुके है। ये राज्‍य हैं- तमिलनाडु, केरल, महाराष्‍ट्र और मध्‍य प्रदेश।

सूत्रों का कहना है कि यह वैरिएंट लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। कोरोना वायरस का ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट भारत के अलावा, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है। ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट के मामले महाराष्ट्र के रत्नागिरि और जलगांव तथा केरल और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मिले हैं।

नए वेरिएंट का संकट | New Delta variant arises

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि भारत उन दस देशों में से एक है, जहां अब तक ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप मिला है। उन्होंने कहा कि 80 देशों में ‘डेल्टा स्वरूप’ का पता चला है। भूषण ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के बारे में एक परामर्श जारी किया है कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और केरल को इस मुद्दे पर पहल की शुरुआत करनी चाहिए। अभी संख्या के लिहाज से यह काफी छोटा दिखता है और हम नहीं चाहते कि इसमें वृद्धि हो।

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इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि भारतीय सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने सूचना दी थी कि डेल्टा प्लस स्वरूप (Delta Plus variant) वर्तमान में चिंताजनक स्वरूप (वीओसी) है, जिसमें तेजी से प्रसार, फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी प्रतिक्रिया में संभावित कमी जैसी विशेषताएं हैं।

कोविशील्ड और कोवैक्सिन कारगर

विशेषज्ञों ने बताया कि मोटे तौर पर दोनों भारतीय टीके – कोविशील्ड (Covidshield) और कोवैक्सीन (Covaxin) – डेल्टा स्वरूप (Delta Variant) के खिलाफ प्रभावी हैं, लेकिन वे किस हद तक और किस अनुपात में एंटीबॉडी बना पाते हैं, इसकी जानकारी बहुत जल्द साझा की जाएगी।

बीते दिन मिले 50,784 नए मरीज :

देश में बीते दिन यानी मंगलवार को कोरोना के 50,784 मामले सामने आए। बात करें अगर इस कॉर्न काल की तो स्थितियां अभी भी उतनी ही भयावह ही हैं। हमें सतर्कता के साथ साथ कोताही बिलकुल भी नहीं बरतनी चाहिए। ऐसे में एक और वेरिएंट के आ जाने से लोगों में हलचल मच गई हैं लेकिन समय धीरज और संयम से काम लेने का है।

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