Sero Survey Delhi

SERO SURVEY: 29 फीसदी दिल्ली वाले कोरोना संक्रमित होकर हुए ठीक

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दिल्ली में लगभग 29 फीसदी लोग कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं। यह आंकलन है दिल्ली में 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच कराए गए सीरो सर्वे का। दिल्ली में कराया गया यह दूसरा सीरो सर्वे है( SERO SURVEY) , इससे पहले किए गए सर्वे में 23 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमित बताई गई थी।

दिल्ली में हुए पहले सीरो सर्वे (SERO SURVEY) में 23 फीसदी आबादी में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी की पहचान हुई थी जबकि दूसरे सर्वे में 29 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी पाई गई है। आपको बता दें की शरीर में एंटीबॉडी तभी बनती है जब व्यक्ति वायरस के संपर्क में आता है। कई लोगों को कोरोना हो चुका है लेकिन उन्हें लक्षण नहीं आने की वजह से पता नहीं चला। एंटीबॉडी टेस्ट यह बताता है कि आपके अंदर कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी बन चुकी है यानि आप कोरोना संक्रमित हुए थे और ठीक हो चुके हैं।

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दूसरे SERO SURVEY की कुछ अहम बातें-

  • इस सर्वे में 11 जिलों से 15,300 लोगों के सैंपल लिए गए। इन लोगों की एंटीबॉडी जांच की गई जिससे पता चले की दिल्ली में कितने लोगों में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी पैदा हुए हैं।
  • 15 हज़ार में से 12 हज़ार 598 लगों की रिपोर्ट मिल चुकी है जिसके आधार पर 29 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी मिले हैं।
  • कोरोना से संक्रमित होकर ठीक होने में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। सर्वे के अनुसार 28.3 फीसदी पुरषों में एंटीबॉडी विकसित हुए वहीं 32.2 फीसदी महिलाओं में एंटीबॉडी विकसित हुए है।
  • सीरो सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के हर तीसरे व्यक्ति में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी मिले हैं। 18 साल से कम उम्र के 34.7 फीसदी लोग कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो चुके हैं।
  • विशेषज्ञों के अनुसार अगर 60 फीसदी लोग अगर कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हो जाएं तो हर्ड इम्यूनिटी हो जाती है। यानि एक बड़ा समूह जब कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो जाता है तो कोरोना वायरस के फैलने की संभावना कम हो जाती है।
  • हालांकि कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी के शरीर से गायब होने की रिपोर्ट कई देशों ने दी है, इन रिपोर्ट्स के मुताबिक एक व्यक्ति के शरीर में 90 दिनों तक एंटीबॉडी रह सकते हैं उसके बाद यह कमज़ोर पड़ने लगती हैं। इसका मतलब है कि व्यक्ति दोबारा संक्रमित हो सकता है।

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