चाहते तो वो भी अपने घरों में बैठ बारिश में चाय और पकोड़ों का मज़ा ले सकते थे

किसान आंदोलन और दिल्ली में बारिश
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

दिल्ली में जब आज लोग सुबह उठे तो बाहर ज़ोरदार बारिश हो रही थी। रविवार का दिन था मौसम हसीन हो गया था, ठंड लग रही थी लेकिन सर पर छत है, बढ़िया वाली रजाई है और हीटर भी लगा है। और तो और सरकार से भी कोई गिला शिकवा नहीं है। तो अब क्या कमी है, बस चाय और पकोड़े मिल जाए तो मानो ज़िंदगी पूरी हो जाएगी। वहीं दिल्ली में एक ओर किसानों की सुबह मुसीबतों के साथ शुरु हुई। अपने घरों का चैनों सुकून छोड़ अपने हक के लिए दिल्ली की सीमा पर टेंट और ट्रैक्टर ट्रालियों में रह रहे किसान बारिश से परेशान हो गए। उनके टैंटों में पानी घुस गया। बारिश ने ठंड का ज़ोर और तेज़ कर दिया।

READ:  Farmers should not return empty-handed from Delhi: Meghalaya Governor Satyapal Malik

कोई पानी निकालने के लिए नाली बनाता नज़र आया तो कोई टैंटों पर तिरपाल बिछाता नज़र आया। बारिश ने किसानों का हौसला तोड़ने की कोशिश की लेकिन ऐसा हो न सका। बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के कैंप में पानी घुस गया जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पिछले 24 घंटे के अंदर तीन किसान प्रदर्शन स्थल पर दम तोड़ चुके हैं। शनिवर की सुबह टिकरी बॉर्डर पर हरियाणा के जींद के रहने वाले एक किसान की दिल का दौरा पड़ने की वजह से मौत हो गई। मृतक किसान की पहचान 58 वर्षीय जुगबीर निवासी गांव इटल कलां के रूप में हुई है। वहीं रविवार को 2 किसानों ने हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, किसान बलवीर सिंह गोहाना क्षेत्र व किसान निर्भय सिंह पंजाब के गांव लिदवा के रहने वाले थे। दोनों ही किसानों की मौत ठंड की वजह से बताई जा रही है।

READ:  Delhi Covid wave worsens: 8 cases per minute, 3 deaths every hour

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।