दिल्ली ने कर दिखाया, प्रदूषण का स्तर 300 के पार

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गंभीर स्तर पर दिल्ली में प्रदूषण, देश के 10 सबसे प्रदूषित इलाकों में 9 दिल्ली के। सरकार और विपक्ष आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त।

ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

जुलाई से नवंबर के बीच दिल्ली का प्रदूषण स्तर संतोषजनक रहा तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने टीवी और अखबार में बड़े बड़े विज्ञापन देकर प्रचार कर दिया कि हमने कर दिखाया। दिल्ली को हमने प्रदूषण से मुक्त कर दिया। हमारी सरकार के कदम कारगर साबित हो गए।

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लेकिन अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से दिल्ली का फिर दम फूलने लग गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया। ITI जहांगीर पुरी में AQI 373 रहा वहीं ग़ाज़ियाबाद के वसुंधरा में 465 AQI था। 300 से ऊपर अगर AQI हो तो यह त्रासदी से कम नहीं। अब केजरीवाल की पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि हमने जो करना था कर लिया, अब केंद्र सरकार कदम उठाए। पड़ोसी राज्य क्यों प्रतिबंध लगने के बाद भी पराली जला रहे हैं। खैर दिल्ली सरकार ने 15 अक्टूबर से एक्शन प्लान लागू करने  का फैसला किया है। जिसके तहत दिल्ली में डीज़ल जनरेटर चलाने पर पाबंदी रहेगी और 4 से 15 नवंबर तक ऑड इवन स्कीम लागू की जाएगी।

जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपा रहे थे, तब विपक्ष के नेता मनोज तिवारी कह रहे थे कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में भाजपा सरकार है, वहां की सरकार पराली खरीद रही है इसलिए दिल्ली में प्रदूषण कम हो रहा है। अब जब नासा ने पराली जलाने की तस्वीर जारी की तो मनोज तिवारी चुप हो गए। आरोप प्रत्यारोप के अलावा नेताओं के पास कोई विकल्प भी तो नहीं। अब जब प्रदूषण भयंकर स्तर पर पहुंचेगा तो मनोज तिवारी सरीखे नेता पहुंच जाएंगे सस्ता वाला मास्क जनता में बांटने।

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ठगी जाएगी जनता, लेकिन जब पटाखे जलाने पर पाबंदी लगेगी तो हम में से ही कोई वीडियो बनाकर सरकार को हिन्दू त्योहार विरोधी कहकर पटाखे जलाएगा। फ़र्क़ तब पड़ता है जब दिल्ली में 28 वर्षीय महिला जिसने अपने जीवन में कभी सिगरेट नहीं पी लेकिन दिल्ली की ज़हरीली हवा उसे फेफड़े के कैंसर जैसी बीमारी दे देती है।

नासा द्वारा जारी की गई तस्वीर में एक्टिव फायर दिखाई दे रही है। जिसमें सबसे ज़्यादा हिस्सा पंजाब का है जो सीधे तौर पर दिल्ली की हवा को प्रदूषित करेगा। पाकिस्तान में जलाई जा रही पराली भी भारत में प्रदूषण का कारण बनी है। हरियाणा का पानीपत शनिवार को देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा वहीं रविवार को देश के 10 सबसे प्रदूषित इलाकों में 9 दिल्ली के थे। संकट बड़ा है, केवल हाय तौबा करने से कुछ नहीं होगा। पिछले वर्ष की तुलना में जुलाई से सितंबर के बीच प्रदूषण स्तर कम था इसका मतलब है अगर कारगर कदम उठाए गए तो समस्या से पार पाया जा सकेगा।

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