इन 10 बिंदुओं में समझें कौन हैं विकासपुरी से चुनाव लड़ने वाले बीजेपी नेता संजय सिंह

Nidhi Pathak | New Delhi

दिल्ली विधानसभा चुनाव : 2020 (Delhi Elections 2020) में विकासपुरी विधानसभा सीट (Vikaspuri constituency) से बीजेपी नेता संजय सिंह (BJP leader Sanjya Singh) मैदान में हैं। दिल्ली में भले ही कड़ाके की ठंड हो लेकिन चुनाव के मद्देनजर सियासी पारा हर दिन चढ़ता नजर आ रहा है। रैलियों, भाषणों का दौर शुरू हो चुका है। बीजेपी, कांग्रेस (Congress), आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) सहित तमाम दल अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार चुकी है। दिल्ली के पूर्वाचंल (Purvanchal) और पूर्वांचलियों पर मजबूत पकड़ रखने वाले बीजेपी नेता संजय सिंह के बारे में आज हम आपको कुछ खास बाते बता रहे हैं।

1- अन्य के मुकाबले पूर्वांचल पर बेहतर-मजबूत पकड़-
बीजेपी नेता संजय सिंह को पूर्वांचलियों का नेता माना जाता है। इसका खास कारण यह है कि वे इलाके के दिग्गज नेताओं में गिने जाते हैं साथ ही राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से उनकी क्षेत्र पर अन्य नेताओं के मुकाबले मजबूत पकड़ है। शायद यही कारण रहा कि बीजेपी इस इलाके से उन्हें टिकट देने से मना नहीं कर सकी।

2-बीजेपी से जुड़ पार्टी को मजबूत स्थिति में लाया-
संजय सिंह बीते लंबे अरसे से सामाजिक सेवा में सक्रिय रहे हैं और पिछले सात वर्षों में बीजेपी से जुड़कर जनाधार मजबूत किया है बल्की पार्टी अपने इलाके में पहले मजबूत स्थिति में भी पहुंचाया है। संजय सिंह के बीजेपी में आने के बाद से ही पार्टी का पूर्वांचल‌ियों के बीच जनाधार पहले से बढ़ा है।

3-संक्राति, नववर्ष मिलन समारोह के आयोजक –
बीजेपी के टिकट विकासपुरी विधानसभा से हुंकार भरने वाले संजय सिंह हर साल मकर संक्रांति और नव वर्ष मिलन उत्सव का बड़ा आयोजन करते रहे हैं। इसमें न केवल विकासपुरी के लोग बल्कि अन्य दूसरी विधानसभा के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस बार हुए मिलन समारोह में 50 हजार से ज्यादा लोगों ने उपस्थिति दर्ज कर साबित कर दिया कि संजय सिंह इलाके के जनप्रिय नेताओं में से एक है।

4-बीते चुनाव में 19 दिन पहले मिला टिकट-
बीजेपी नेता संजय सिंह को इससे पहले साल 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी टिकट मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी हाईकमान ने चुनाव से महज 19 दिन पहले संजय सिंह को टिकट दिया था। बावजूद इसके संजय सिंह इस चुनाव में बीजेपी के कई अन्य उम्मीदवारों की तुलना में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले नेता रहे।

5- सबसे ज्यादा वोट पाने वाले छटे उम्मीदवार रहे-
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में आम आदमी पार्टी की लहर के बावजूद विकासपुरी विधानसभा से दावेदारी करने वाले संयज सिंह को 54,000 से भी ज्यादा वोट मिले थे। हालांकि संजय सिंह चुनाव नहीं जीत सके लेकिन इस चुनाव में संजय सिंह की गिनती उन बीजेपी के उन चंद नेताओं में होती है जिन्होंने सबसे ज्यादा मत हासिल किए हो। साल 2015 के चुनाव में संजय सिंह सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाले छठे उम्मीदवार थे।

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6- पूर्वांचल की सभी 7 सीटों में सबसे ज्यादा एक्टिव-
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में भले ही संजय सिंह को हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन उनके जोश-ओ-जुनून में कभी कोई कमी नहीं देखी गई। चुनाव हारने के बाद भी संजय सिंह लागातर विकासपुरी समेत दिल्ली में पूर्वांचलियों के प्रभाव वाली सभी सात विधानसभा में एक्टिव रहे और बीते पांच सालों में सबसे मजबूत राजनीतिक शख्‍सियत के तौर पर उभरकर सामने आए।

7- निर्दलीय चुनाव लड़ने के बावजूद 11 हजार से ज्यादा वोट मिले-
गौरतलब है कि साल 2015 से पहले संजय सिंह ने विकासपुरी विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवारी की थी। बतौर निर्दलीय उम्मीदवार संयज सिंह 11 हजार से भी ज्यादा वोट हासिल करने वाले नेता रहे। उनके पीछिले रिकॉर्ड को देखते हुए बीजेपी हाईकमान ने एक बार फिर संयज सिंह पर दाव खेला है।

8- सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं संजय सिंह-
जमीनी नेता होने के बावजूद संजय सिंह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव नजर आते हैं। सोशल मीडिया एप फेसबुक पर समज सिंह के 45 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। जबकी ट्वीटर भी वे काफी एक्टिव नजर आते हैं।

9- AAP विधायक महेंद्र यादव और कांग्रेस के मुकेश शर्मा से मुकाबला-
बीजेपी नेता संजय सिंह का सीधा मुकाबला आम आदमी पार्टी के महेंद्र यादव से होना है। महेंद्र यादव विकासपुरी के सिंटिंग एमएमल हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से पूर्व विधायक मुकेश शर्मा भी विकासपुरी से मैदान में हैं।

10- इन मुद्दों पर लड़ रहे हैं चुनाव-
संजय सिंह अपनी चुनावी रैलियों में मोदी सरकार द्वारा अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने की सफलता को जोर-शोर से सामने रख रहे हैं। वे इस बार पिछले पांच सालों में विकासपुरी में अब तक नहीं हो पाए विकास का मुद्दा भी जनता के सामने रख रहे हैं। बेहतर सड़कें, नालियां और बिजली पर काम करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।