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दिल्ली में कोरोना मरीज़ बेहाल, कुछ तो करो केजरीवाल

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Ground Report | New Delhi

दिल्ली में कोरोना के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है और सरकार के हाथ से स्थिति निकलती जा रही है। सोशल मीडिया पर लगातार लोग इलाज न मिलने की शिकायत कर रहे हैं। अस्पतालों में बेड न मिलने की समस्या बढ़ती जा रही है। उधर सूबे के मुख्यमंत्री प्राईवेट हॉस्पिटल पर ठीकरा फोड़ते नज़र आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं जहां लोग प्रशासन की बेरुखी से परेशान नज़र आ रहे हैं।

दिल्ली में अब तक 26,334 मामले सामने आ चुके हैं, हर रोज़ आने वाले मामले 1500 पर पहुंच चुके हैं। केजरीवल लगातार दावे कर रहे हैं कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन ऐसा ज़मीन पर दिखाई नहीं देता। राज्य में अब तक कुल 708 लोग कोरोना से जान गवां चुके हैं जो देश में महाराष्ट्र और गुजरात के बाद सबसे अधिक है।

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दिल्ली में लोग सोशल मीडिया के सहारे अपनी तकलीफे बयान कर रहे हैं। लोगों को सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानी हो रही है। लेकिन प्रशासन की तरफ से उनकी कोई मदद नहीं की जा रही है। अस्पतालों में भी जहां तहां शव पड़े हैं। कोरोना रिपोर्ट आने से पहले लोगों को किसी प्रकार की चिकित्सीय मदद नहीं दी जा रही है। रिपोर्ट आने में चार-चार दिन का समय लग रहा है।

अस्पतालों में बेड की उलब्धता के लिए जारी किया मोबाईल एप

2 जून को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवला ने मोबाईल एप्लीकेशन जारी किया जिसमें अस्पतालों में मौजूद बेड का ब्यौरा उपलब्द होगा। सरकार के अनुसार इस एप पर दिन में दो बार खाली बेड का डेटा अपडेट किया जाएगा। एप्लीकेशन पर बेड मौजूद हुआ और अगर अस्पताल फिर भी मरीज़ को भर्ती करने से मना करे तो लो हेल्पलाईन नंबर 1031 पर कॉल कर शिकायत कर सकते हैं।

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नहीं हो रहे टेस्ट

2 जून को दिल्ली सरकार ने टेस्टिंग को लेकर भी नई गाईडलाईन जारी कर दी जिसमें कहा गया कि बिना लक्षण वाले मरीज़ों का टेस्ट नहीं किया जाएगा। केवल बुज़ुर्ग और गंभीर लक्षण वाले मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा और टेस्ट होगा। मरीज़ के संपर्क में आए परिजनों का भी टेस्ट नहीं किया जा रहा। टेस्टिंग लैब से रिपोर्ट आने में भी लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है।

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