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दिल्ली सरकार का फैसला, अब घर-घर जा कर होगी कोरोना की जाँच

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दिल्ली में दिन प्रतिदिन बढ़ते कोरोना के केस को मध्य नज़र रखते हुए दिल्ली सरकार ने घर-घर जा कर इसकी जाँच करने का फैसला किया है। दिल्ली सरकार की नयी प्रतिक्रिया योजना के अनुसार, दिल्ली के प्रत्येक घर में 6 जुलाई तक स्क्रीनिंग की जाएगी। रविवार, 21 जून को हुए एक बैठक और गृह मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझाव के बाद दिल्ली सरकार ने कोरोना के प्रकोप से निपटने के लिए प्रतिक्रिया योजना को इस प्रकार संशोधित करने का निर्णय लिया है। यह बैठक गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच दिल्ली में बिगड़ती Covid -19 की स्थिति पर चर्चा के लिए हुई थी।

22 जून को डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) द्वारा जारी किए गए एक परिपत्र के अनुसार, 30 जून तक सभी कन्टेनमेंट जोन वाले घरों को स्क्रीन किया जायेगा और 6 जुलाई तक दिल्ली के बाकी हिस्सों के प्रत्येक घर में 6 जुलाई तक स्क्रीनिंग की जाएगी। दिल्ली में इस वक़्त 261 कन्टेनमेंट जोन है।

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दिल्ली में मंगलवार को Covid-19 के सबसे ज़्यादा मामले सामने आये। यह 3,947 Covid-19 मामलों के साथ सबसे अधिकतम एक-दिन का रिकॉर्ड था। इस ही के साथ दिल्ली ने 66,000 केस का आंकड़ा पार किया और अब कुल कोरोना वायरस के मामले में दिल्ली महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरे स्थान पर आ गया।

वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के द्वारा कई अन्य कदम उठाए गए हैं। दिल्ली सरकार की संशोधित कोविद योजना के अनुसार:
1. जिला-स्तर पर सख्त निगरानी लागू
जिलों में COVID-19 टास्क फोर्स को किया जायेगा मज़बूत। इनके सदस्य अब DCP, नगरपालिका DC, महामारी विज्ञान, जिला निगरानी अधिकारी (DSO), और IT पेशेवर होंगे जो आरोग्य सेतु एप (Aarogya Setu App) की निगरानी करेंगे। इस फोर्स की पहले केवल जिला मजिस्ट्रेटों द्वारा निगरानी की जाती थी।

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2. कन्टेनमेंट जोन योजना में सुधार
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में Covid पॉजिटिव रोगियों और क्लस्टर मामलों को Covid देखभाल केंद्रों में भेजा जाएगा। लोगों को सोशल डिस्टन्सिंग बनाए रखने के लिए और कन्टेनमेंट जोन में इकठ्ठा न होने की निगरानी के लिए पुलिस तैनात की जाएगी।
वहीं प्रशासन इन क्षेत्रों में सभी आवश्यक सेवाएं प्रदान करेगा। CCTV और ड्रोन द्वारा इन कन्टेनमेंट जोन के में हो रहे लोगों की आवाजाही पर नज़र रही जाएगी। मानदंडों का उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जाएगा।

3. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing)
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार हाई-रिस्क और लो-रिस्क वाले संपर्कों को वर्गीकृत किया जाएगा। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए DM कार्यालय में एक टीम तैनात की जाएगी। तेज और प्रभावी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए और हाई-रिस्क के क्वारंटाइन के लिए फील्ड टीमों की स्थापना की जाएगी। कन्टेनमेंट जोन के सभी लक्षण और बिना लक्षण वाले मामलों का परीक्षण 5वें और 10वें दिन के बीच किया जाएगा।

4. सेरो सर्वे (Sero Survey)
दिल्ली के सभी जिलों में कोरोनो वायरस की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए एक सीरो सर्वे किया जायेगा। यह सर्वे 27 जून से शुरू होगा और 10 जुलाई तक पूरा किया जाएगा। इस सर्वे के तहत 20,000 टेस्ट किए जाएंगे।

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5. Aarogya Setu App
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरोग्य सेतु एप सभी द्वारा डाउनलोड किया जाए, ख़ास कर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में।

आपको बता दें, दिल्ली में इस वक़्त 26,588 एक्टिव केस है। अब तक 2,365 कोरोना रोगियों की मृत्यु हुई वहीं 41,437 लोग कोरोना मुक्त हो चुके है। दिल्ली अभी तक में कुल 70,390 केस रिकॉर्ड हुए है।

Written By Ambika Rattanmani, She is a Post-Graduate Final Year Student of Journalism & News Media from GGSIPU, New Delhi.

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