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“हम CAA समर्थक हैं, जिसे विरोध करना है कहीं और जाए”

Reuters Delhi Violence Report
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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

एक तरफ देश ट्रंप के भारत दौरे में व्यस्त था दूसरी ओर दिल्ली का पूर्वी हिस्सा नफरत की आग में जल रहा था। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जमा हुए लोगों का विरोध करने नागरिकता कानून समर्थक सड़कों पर आ गए और दोनों गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प ने दिल्ली को दंगो के हवाले कर दिया। अहमदाबाद से आगरा पहुंचे ट्रंप शाम को दिल्ली आए तब तक शहर आग के हवाले हो चुका था।

दंगों ने ली दिल्ली पुलिस के जवान की जान

इस हिंसक दंगे में एक हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत हो गई साथ ही कई आमजन घायल हो गए। पुलिस की ओर से आई जानकारी के मुताबिक 35 पुलिसकर्मी इस दंगे में घायल हुए हैं। आम लोग कितने घायल हुए इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं मिली है। फुरकान नामक शख्स की मौत की भी खबर है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगमन की वजह से दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी फिर इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई यहा बड़ा सवाल है। दिल्ली के ज़ाफराबाद, खजूरी खास, मौजपुर, चांदबाग में शाम होते-होते दंगे की चपेट में आ गए। कई जगह आगजनी, पत्थरबाज़ी की घटना सामने आई। एक शख्स को खुलेआम गोली चलाते हुए भी देखा गया लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने रविवार को दी थी चेतावनी

रविवार को दिल्ली बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ज़ाफराबाद में प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा बंद किए गए रास्ते खुलवाने के लिए गए थे। वहां उन्होंने डीसीपी के सामने धमकाते हुए लहज़े में कहा था कि ट्रंप आ रहे हैं इसलिए अभी हम जा रहे हैं, ट्रंप के जाने के बाद अगर पुलिस ने रास्ते खाली नहीं करवाए तो फिर हमें सड़क पर उतरना होगा और फिर हम पुलिस की भी नहीं सुनेंगे।

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रायटर्स की रिपोर्ट में पुलिसवालों पर सवाल

इस पूरी घटना की ज़मीनी कवरेज कर रही अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक-पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन दोनों गुटों की तरफ से जमकर पत्थरबाज़ी हो रही थी जिसके कारण दिल्ली की सड़कें युद्ध भूमी में तब्दील हो चुकी थी।

कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था। दंगाईयों के मुकाबला करने में पुलिस सक्षम नहीं थी। इस हिंसा में दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हिंसा की चपेट में आए क्षेत्रों में धारा 144 लगाई गई है। दंगों में शामिल एक गुट के लोग लगातार जय श्री राम के नारे लगा रहे थे और नागरिकता कानून का विरोध कर रहे लोगों पर पत्थर बरसा रहे थे। दूसरे गुट की ओर से भी पत्थर बरसाए जा रहे थे। एक मुस्लिम युवक और बुरके में एक महिला को नागरिकता कानून समर्थक बुरी तरह डंडों से पीट रहे थे। रॉयटर्स ने पाया की पुलिसवाले भी नागरिकता कानून समर्थक दंगाईयों को रोकने की कोशिश नहीं कर रहे थे। जब एक मुस्लिम नाम वाले स्टोर को आग के हवाले किया जा रहा था तब पुलिस खड़े हुए तमाशा देख रही थी। एक पुलिसवाले ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि जाओ पत्थर फेंको। रोड के एक तरफ कई नौजवान मोटरसाईकल से पेट्रोल निकालकर पेट्रोल बम बना रहे थे। रॉयटर्स को एक अमित नामक शख्स ने कहा कि हम सीएए समर्थक हैं जिन्हें विरोध करना है वे कहीं ओर जाएं।

यह पूरी रिपोर्ट आप इस लिंक को क्लिक करके रॉयटर्स पर पढ़ सकते हैं। https://in.reuters.com/article/india-citizenship-protests/citizenship-law-demonstrators-clash-in-delhi-ahead-of-trump-visit-idINKCN20I0VP?utm_medium=Social&utm_source=Twitter

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दुनिया के सामने भारत की छवि खराब करने की साजिश

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डे ने इस घटना को दुनिया के सामने भारत की छवि खराब करने के लिए की गई एक साजिश करार दिया और कहा कि भारत सरकार इस दंगे में शामिल सभी लोगों पर कार्यवाई करेगी।

आपको बता दें कि दिल्ली में पिछले कई महीनों से नागरिकता कानून के विरोध में अलग-अलग जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। शाहीन बाग में महिलाए पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रही हैं। यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफ्गानिस्तान में सताए गए हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान करता है। इस कानून में मुस्लिमों को नागरिकता देने का प्रावधान न होने की वजह से इसका विरोध देश भर में हो रहा है। भारत सरकार का कहना है कि यह भारत के किसी मुस्लिम अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं छीनता यह सिर्फ नागरिकता देने का कानून है छीनने का नहीं। इस कानून को लेकर न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वे यह कानून वापस किसी हाल में नहीं लेंगे।

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