दीप सिद्धू गिरफ्तार

आरोपी दीप सिद्धू गिरफ्तार, पढ़ें हिंसा से गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी

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26 जनवरी को लाल किले में हुए उपद्रव का मुख्‍य आरोपी दीप सिद्धू पकड़ा गया है। दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वह किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले के प्राचीर में झंडा फहराने का आरोपी है। घटना के बाद से ही दीप सिद्धू फरार चल रहा था। सिद्धू पर दिल्‍ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम भी रखा था। जानकारी है कि सिद्धू को पंजाब के जीरकपुर से पकड़ा गया है।

गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की ओर से निकाली गई ट्रैक्‍टर रैली ने मंगलवार को अचानक झड़प का रूप ले लिया था। इसमें 86 पुलिसकर्मी घायल हुए। करीब दो महीने से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के अचानक यूं बेकाबू होने की वजह खोजी गई तो कुछ किसान नेताओं ने दीप सिद्धू का नाम लिया। किसान नेताओं ने कहा कि दीप सिद्धू ने किसानों को भड़काया। आइये आपको बता देते हैं कि दीप सिद्धू हैं कौन और वे इस आंदोलन से कैसे जुड़ गए।

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उस दिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने तय रूट और वक्त के उलट जाकर ट्रैक्टर लेकर दूसरे रास्तों पर चले गए थे। यहां कई जगहों पर पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ हुई। फिर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाल किले में घुस गए और यहां भी काफी तोड़फोड़ हुई। कुछ लोग यहां किले के सामने एक खंभे पर चढ़ गए और धार्मिक सिख झंडा फहरा दिया।

कौन हैं दीप सिद्धू ?

दीप सिद्धू का जन्म पंजाब के मुक्तसर में हुआ है। वह मॉडल और अभिनेता है। किंगफिशर मॉडल हंट समेत उन्होंने मॉडलिंग की कई प्रतियोगिताएं जीती हैं। एक्टिंग की दुनिया में उन्होंने फिल्म ‘रमता जोगी’ से कदम रखा। इस फिल्म को मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र के बैनर विजेता फिल्म्स में बनाया गया था। उन्होंने राजनीति में 2019 से कदम रखा और गुरदासपुर से बीजेपी के नेता सनी देओल के लिए प्रचार किया था।

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बता दें कि पिछले दिनों दीप सिद्धू ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था। ट्रैक्टर रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों की भयंकर झड़प हुई थी, जिसमें 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। लाल किले में भी काफी ज्यादा तोड़फोड़ हुई थी। हालांकि, किसान संगठनों ने कहा है कि लाल किले में जो प्रदर्शनकारी गए थे, वो किसान नहीं थे और इसकी जांच की जानी चाहिए कि आखिर हिंसा किसने भड़काई।

जब किसान बेरिकेट्स तोड़कर दिल्ली में घुसे ये भी मौजूद थे। लालकिले की प्राचीर से जब तिरंगे के बगल में ‘निशान साहिब’ का झंडा लगाया गया, तब सिद्धू उसी समूह में शामिल थे। पताका के साथ फेसबुक लाइव भी किया।  उन्होंने फेसबुक लाइव में ये भी कहा कि हमने विरोध जताने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हुए सांकेतिक तौर पर निशान साहिब का झंडा फहराया है।

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