दलित युवक को पुलिस ने बेल्ट और लातों से मारा, फिर सर का मुंडन कर मूँछें कटवा दी

Heavy rain in Hyderabad, 9 people, including an innocent child, died after wall collapsesHeavy rain in Hyderabad, 9 people, including an innocent child, died after wall collapses
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रविवार रात को आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में दो पुलिस वालों ने दलित युवा वरा प्रसाद की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता से बहस होने पर उसके सर और मूँछ के बालों को काट दिया। इस घटना से कुछ दिन पहले बिहार के गया में भी दलित परिवार पुलिस की बर्बरता को झेल चुका है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट होने के बावजूद भी दलितों के खिलाफ अत्याचार अभी भी कम नहीं हुए है। कोविड-19 के संक्रमण के कारण छुआछूत जैसी सामाजिक बुराई बढ़ने लगी है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन दोनों पुलिस वालों को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों पुलिस वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज हो गया हैं।

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वरा प्रसाद ने बताया कि “उसने अपनी घर की गली से गुजर रहे मिट्टी से भरे ट्रकों को रोका, क्योंकि उनके इलाके में किसी की मृत्यु हो गयी थी। उसने ट्रक ड्राइवर को मृत शरीर के उस इलाके से हटने तक के लिए इंतजार करने को कहा। जिसके बाद स्थानीय वाईएसआर कांग्रेस नेता वहाँ आया और ट्रक को रोकने पर हमसे सवाल करने लगा। जिसके बाद हम दोनों के बीच बहस हो गई। इसके अगले दिन दो पुलिसवाले हमारे गांव आए और मेरे साथ- साथ दो लोगों को भी पूछताछ के नाम पर पुलिस स्टेशन ले गए।

प्रसाद ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि “पुलिस स्टेशन में पुलिस ने उसे बेल्ट और लातों से मारा। इसके बाद नाई को बुलाकर उनके सर का मुंडन और मूँछें कटवा दी।

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पूर्व मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू ने इस घटना की निंदा करते हुए ट्वीट किया है कि “आंध्र प्रदेश में जंगल राज वापस आ गया है। पूर्वी गोदावरी जिले के सीतानग्राम पुलिस स्टेशन में वरा प्रसाद के सर का मुंडन वाईएसआर के नेताओं ने किया हैं। ये सब पुलिस की उपस्थिति में हुआ, जिन्होंने उस आदमी को पीटा और एक दलित के आत्म-सम्मान को नष्ट कर दिया।”