Home » HOME » दलित एक्टिविस्ट नवदीप कौर का पुलिस कस्टडी में यौन शोषण, शरीर पर कई जगह चोट के निशान

दलित एक्टिविस्ट नवदीप कौर का पुलिस कस्टडी में यौन शोषण, शरीर पर कई जगह चोट के निशान

नवदीप कौर
Sharing is Important

पंजाब के म़ुक्तसर साहिब की रहने वाली दलित श्रम अधिकार कार्यकर्ता और मजदूर अधिकार संगठन की सदस्य नवदीप कौर की रिहाई के लिए पिछले एक महीनें से सोशल मीडिया पर मांग उठ रही है। नवदीप 1 महीने से हरियाणा पुलिस की हिरासत में हैं। 23 साल की नवदीप कौर सोनीपत के कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में एक बल्ब बनाने वाली फैक्टरी में काम करती हैं। 23 साल की नवदीप को हरियाणा पुलिस ने उस वक्त गिरफ्तार किया जब वो फैक्टरी के सामने दिहाड़ी मजदूरों को नियमित करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही थीं।

हरियाणा पुलिस ने 12 जनवरी को नवदीप कौर पर IPC की धारा 307, 384 ,और 379 गैरजमानती धाराओं सहित 148, 149 ,323 ,452, और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हरियाणा पुलिस ने नवदीप और उनके संगठन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक नवदीप और उनके संगठन के सदस्य फैक्टरी में जबरन वसूली करने के लिए फैक्टरी में तोड़फोड़ करने की कोशिश कर रहे थे और जब पुलिस वहां पहुंची तो संगठन के लोगों नें रॉड और लाठियों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया और इस हमलें में सात पुलिसवालों को गंभीर चोट आई।

READ:  What is Default Bail that gave relief to Sudha Bhardwaj?

नवदीप की बहन राजवीर कौर दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही हैं। राजवीर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पुलिस के लगाए सारे आरोप गलत है उनकी बहन 23 साल की है और 12वीं में पढ़ रही है। नवदीप बीते साल नवंबर में किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए सिंधू बार्डर पहुंची थी और दिसंबर में उसे किसान आंदोलन को समर्थन करने के लिए काम से निकाल दिया गया था और जिसके लिए वह धरना प्रदर्शन भी कर रही थी।

कौन हैं नवदीप कौर, जिनकी रिहाई के लिए मीना हैरिस ने आवाज़ उठाई है

राजवीर के मुताबिक 13 जनवरी को मैं नवदीप से मिली और मेरी बहन ने बताया कि 12 जनवरी हरियाणा पुलिस ने उन पर हमला किया और उनके साथ मार-पीट की। राजवीर ने आरोप लगाते हुए कहा कि, पुलिस कस्टडी में नवदीप का यौनशोषण किया गया। उनके शरीर और निजी अंगों पर चोट और घाव के निशान थे।

आपको बता दें सत्र न्यायालय ने 2 बार नवदीप की जमानत याचिका खारिज़ कर दी और अब परिवार नवदीप की ज़मानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेगा। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर #Novdeepkaur की रिहाई के लिए एक आंदोलन चलाया जा रहा है। बता दें कि कई महीनों से देश में किसान आंदोलन की चर्चा हो रही है। किसान आंदोलन को विपक्षी पार्टियों और दूसरे कई संगठनों समेंत पूरे देश का समर्थन मिल रहा है।

READ:  Dalit student murdered to grab scholarship money in UP

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।

Scroll to Top
%d bloggers like this: