37 लाख 49 हज़ार के सरकारी पर्दे- पढ़िये एक रोचक किस्सा

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न्यूज़ डेस्क।। जब सरकारी पैसे से कोई नेता या मंत्री भोग विलास के समान खरीदता है तो फिर देश कोई भी हो बवाल तो होता ही है। यह किस्सा है अमेरिका की संयुक्त राष्ट्र में एम्बेसडर निक्की हैली का। अमेरिका के अखबार न्यू यॉर्क टाइम्स ने एक खबर छापी जिसमे बताया गया किस तरह संयुक्त राष्ट्र की अमेरिकी दूत के लिए बनाए गए नए आवास में भव्य स्वचलित पर्दों के लिए सरकार ने 37 लाख 49 हज़ार का खर्चा किया है। वो भी तब जब डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ने सरकारी खर्चों में कटौती के नाम पर दुनिया भर के दूतावासों में परियोजनाओं पर रोक लगा दी है और सरकारी पदों पर नई भर्तियां तक रोक दी है।

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न्यू यॉर्क टाइम्स की इस खबर ने ट्रम्प प्रशासन में खलबली मचा दी है। सरकार का कहना है की संयुक्त राष्ट्र के राजदूत के लिए बनाए गए नए आवास में होने वाले खर्चे ओबामा की सरकार के दौरान तय किए गए थे और तब निकी हैली इस पद पर थी भी नहीं। अखबार द्वारा मौजूदा सरकार और निकी हैली को कटघरे में रखना गैर जिम्मेदाराना पत्रकारिता का नतीजा है।

बवाल के बाद न्यू यॉर्क टाइम्स को अपनी इस खबर की हेडलाइन से निकी हैली का नाम हटाना पड़ गया। खैर आरोप प्रत्यारोप चलते रहेंगे। सरकारें अक्सर कई फैसलों के लिए पिछली सरकारों को दोषी ठहराती हैं। जबकि सत्ता में आने पर पहला काम हर सरकार का पिछली सरकारों के फैसले बदलना ही होता है। कुछ छूट जाते हैं या जानबूझकर नज़रअंदाज़ भी किये जाते हैं। अब भारत में ही देख लीजिए माल्या किस सरकार की गलती से विदेश भागा इसको लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। और जनता तो होती ही है तमाशा देखने के लिए।

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