CT Scan Phobia: कोरोना से पैदा हुई नई बीमारी, जानिए क्या है ‘सीटी स्कैन फोबिया’

what is CT Scan Phobia to corona know everything about it
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

CT Scan Phobia: देश में जहां आए दिन कोरोना (Coronavirus in India) के मरीज बढ़ते ही जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लोगों में सीटी स्कैन फोबिया (CT Scan Phobia) हो रहा है। लोगों के अंदर कोरोना का डर इस कदर बढ़ गया है कि अगर उन्हें खांसी-जुकाम है तो वह बिना डॉक्टर की सलाह के सीटी स्कैन करने जैसा रास्ता अपना रहे हैं। ऐसे लोगों का बिना डॉक्टर की सलाह के सीटी स्कैन कराना उनकी जिंदगी के लिए घातक हो सकता है, क्योंकि सीटी स्कैन के दौरान मशीन से निकलने वाली रेडियो तरंगों से स्किन कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है।

सीटी स्कैन क्या है (What is CT Scan)
सीटी स्कैन एक प्रकार का computerized tomography होती है। यह थ्री डाइमेंसनल एक्स रे होती है। यह ऐसी मशीन है जो की रेडियो तरंगों और मैग्नेट का प्रयोग करके आपके शरीर की फोटो बनाता है। यह हमारे सीने की काली और सफेद तस्वीर बनाता है। यह मशीन शरीर के किसी भी अंगों को बिना छुए शरीर की जांच करता हैं।

क्यों कराते है सीटी स्कैन (Why CT Scan)
यदि हमें लगता है की हमारे शरीर के किसी भी अंग में या सीने में किसी भी तरह की कोई भी दिक्कत महसूस हो रही है तो हम सीटी स्कैन करवा के आसानी से उसका पता लगा सकते है।इससे हमारे शरीर में हो रहे किसी भी दिक्कत का बिल्कुल सटीक पता चल जाता है।

READ:  18+ Vaccination: 1 मई को वैक्सीन कहां और कैसे लगेगी?

घर पर ही संभव है कोरोना का इलाज, पर बरतें जरूरी सावधानियां

चेस्ट का सीटी स्कैन कैसे किया जाता है (How is a chest CT scan done?)
इसमें एक एमआरआई मशीन फ्यूचरिस्टिक दिखती है। उसमे एक बेंच होती है, जिसमे मरीज लेटता है, यदि उसमे लेटने में कोई परेशानी होती है तो तकिए का भी इंतजाम किया जाता है। धीरे धीरे वह मशीन अंदर की ओर जाती रहती है । डॉक्टर्स दूसरे कमरे से रिमोट के द्वारा उस मशीन को कंट्रोल करते है, और मरीज से स्पीकर की मदद से बात करने की कोशिश करते है। यह प्रशिक्षण 90 मिनट का होता है। प्रशिक्षण के समय मरीज को कुछ सेकंड के लिए अपनी सांस को रोकना होता है। वही मशीन सीने का चित्र ले लेती है , और इस तरह प्रशिक्षण पूरा होता है।

READ:  कोरोना वायरस: चुनाव आयोग ने 2 मई को विजय जुलूसों पर लगाई रोक !

सीटी स्कैन किस तरह है हानिकारक
HRCT टेस्ट जो की हमारे सीने का किया जाता है। इस टेस्ट से फेफड़ों को थ्री डी इमेज के जरिए देखते हैं। इससे हम सीने में हो रहे किसी भी तरह के इन्फेक्शन का पता लगा सकते है। जैसा कि हम जानते है की सिटी स्कैन से कोरोना संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। वहीं लोग साधरण सर्दी- खांसी होने पर भी सिटी स्कैन करा रहे है, पर शायद वो ये नहीं जानते की इससे उन्हें कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है। एक सिटी स्कैन 300 एक्स-रे समान होता है। ऐसे में बिना किसी डॉक्टर की सलाह के सीटी स्कैन नहीं करवाना चाहिए। ऐसे में पहले किसी अस्पताल में जा कर डॉक्टर से उचित परामर्श लें और उसके बाद ही कोई कदम उठाए।

सीटी स्कैन से कैसे पता चलता है कि कोरोना है भी या नहीं
यदि सीटी स्कैन करवाने के बाद आपका स्कोर 3 से 7 के बीच होता है तो आपको कोरोना के आम लक्षण है। वही अगर 8से 15 है तो आपको कोरोना के लक्षण है। यदि इससे ज्यादा है तो आपको कोरोना है।

READ:  हमारी पीढ़ी ने शायद ही सिस्टम को कभी इतना लाचार देखा हो

सीटी स्कैन करवाते समय यदि लगता है डर तो इन चीजों को ध्यान में रखे।

1. सीटी स्कैन करवाने से पहले संगीत सुने इससे आपका डर कम हो सकता है।

2. जिन्हे क्लास्ट्रोफोबीया है तो वह सिटी स्कैन करवाते समय अपनी आंखें बंद कर ले , इससे उन्हें ये नही पता चलेगा कि स्कैनर उनके कितने करीब है।

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.