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Coronavirus, when oxygen support needed: कोरोना वायरस होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत कब होती है?

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coronavirus: When oxygen support needed?: कोरोना वायरस होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट ((coronavirus: When oxygen support needed?)) की जरूरत कब होती है। ये सवाल हर शख्स के मन में है, कोरोना वायरस होने की स्थित में घबराने की नहीं संयम के साथ चीजों को समझने की जरूरत है। साथ ही यह भी समझने की जरूरत है कि हर व्यक्ति को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं होती है। सिर्फ कुछ एक्स्ट्रीम केस मेंं ही अलग से ऑक्सीजन सपोर्ट ((coronavirus: When oxygen support needed?)) की जरूरत होदी है। इस रिपोर्ट में हम आको बता रहे हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत कब होती है।

कैसे हमला करता है कोरोना वायरस ?
कोरोना वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड, जो संक्रमण और लक्षण दिखने के बीच के समय होता है। यह वो वक़्त होता है जब वायरस किसी इंसान के शरीर में अपनी जगह बना रहा होता है। शरीर के अंदर जाने के बाद यह वायरस व्यक्ति के गले पर प्रभाव डालता है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। कोरोना वायरस गले की कोशिकाओं और फेफड़ों पर हमला करता है। शुरू में संक्रमित व्यक्ति को बीमारी से संबंधित कुछ महसूस नहीं होता है। लेकिन किसी किसी को यह लक्षण पहले से ही दिखने लगते हैं। इस वायरस का व्यक्ति के इम्युनिटी सिस्टम के आधार पर उनके शरीर पर प्रभाव पड़ता है।

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शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण

सबसे पहले आपको बता दें कि हमारे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का मतलब है की खून में ऑक्सीजन की मात्रा। अगर खून में मर्करी का 75 से 100 मिलिमीटर (mm Hg) के बीच ऑक्सीजन है तो इसे सामान्य स्तर माना जाता है। लेकिन, ऑक्सीजन लेवल 60 mm Hg से नीचे है तो इसे सामान्य से कम माना जाता है। तब आपको ऑक्सीजन सप्लीमेंट की जरूरत होती है। इसी तरह जब कोरोना के मरीज का सांस न ले पाने की वजह से ऑक्सीजन लेवल घटता है तो वह हाइपोजेमिया का शिकार हो जाता है। जिससे उसके फेफड़ों पर जोर पड़ता है और उसमें सूजन आ जाती है। सूजन आने के कारण मरीज को खांसी की शिकायत होती है। अधिक खांसने से मरीज़ सांसे जल्दी-जल्दी लेता है। फेफड़े में सूजन की वजह से उसे पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती और फेफड़े उन्हें रक्त तक नहीं पहुंचा पाते। इसके बाद हमारा शरीर ऑक्सीजन नहीं ले पाता है। पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन न मिल पाने से ऑक्सीजन लेवल में कमी आती है उस कमी को पूरा करने के लिए कोरोना के मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया जाता है।

एक सामान्य व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन लेवल 95 से 100 होना चाहिये लेकिन कोरोना मरीज़ का ऑक्सीजन लेवल 95 से कम है तो उसको साँस लेने में दिक्कत हो सकती है।

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ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ने पर-
वैसे तो अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होती है लेकिन कोरोना वायरस के बाद बिगड़ते हालातों और ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीज़ो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आप कहीं परेशान होकर भटकने से पहले ‘covidsource.info’ पर जाकर अपने शहर में उपलब्ध ऑक्सीजन, बेड व डॉक्टर से कोरोना संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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