corona vaccine race

कोरोना वैक्सीन की दौड़, कौन आगे कौन पीछे?

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महज़ 100 घंटों में कोरोना के 10 लाख मामले दुनियाभर से सामने आए हैं। जब कोरोनावायरस फैलना शुरु हुआ था तब 10 लाख मामले आने में 4 माह का समय लगा था। तो आप यह समझ सकते हैं कि संक्रमण की रफ्तार किस हद तक बढ़ चुकी है। सभी देशों का अब यही मानना है कि जब तक कोरोनावायरस की कोई कारगर वैक्सीन नहीं बन जाती संक्रमण से निजात पाना संभव नहीं है। हालांकि कुछ देशों ने कड़े नियम लागू कर कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफलता पाई है। जिन देशों में कोरोना कहर बरपा रहा है उसमें अमेरिका, ब्राज़ील और भारत टॉप तीन देश हैं।

आपको बता दें कि दनियाभर में करीब 150 वैक्सीन पर काम चल रहा है इसमें से कुछ वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के फेज़ में पहुंच चुकी हैं। हम आपको बता रहे हैं उन वैक्सीन के बारे में जिन पर दुनिया की निगाह टिकी हुई है।

अमेरिका: अंतिम चरण में

अमेरिका में मॉडर्ना 27 जुलाई के आसपास वैक्सीन के मानव परीक्षण के अंतिम चरण की योजना बना रही है। कंपनी 87 स्थानों पर ट्रायल करेगी। यह सभी स्थान अमेरिका में ही हैं। सरकार वैक्सीन का वित्त पोषण करेगी। कनाडा स्थित मेडिकैगो ने कोविड वैक्सीन के परीक्षण के लिए पहले चरण का ट्रायल शुरू किया है।

रुस अगस्त में वैक्सीन लॉंच करने का दावा

रूस के वैज्ञानिकों का दावा है कि विश्व की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन अगस्त में लांच हो जाएगी। मास्को स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी ने वैक्सीन के लिए क्लिनिकल ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया। क्लिनिकल ट्रायल गैमेलेई नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी में 18 जून से शुरू हुए थे। वालेंटियर्स के पहले बैच को 15 जुलाई को छुट्टी दे दी गई, दूसरे बैच को 20 जुलाई छुट्टी मिलेगी।

सबसे ज़्यादा उम्मीदें ऑक्सफॉर्ड युनिवर्सिटी की वैक्सीन से

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी, इंपीरियल कॉलेज की वैक्सीन इंसानों पर ट्रायल के दूसरे और तीसरे दौर में है। ट्रायल के दूसरे फेज में 105 लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। तीसरा ट्रायल नवंबर में 6,000 लोगों पर करने की योजना है। इस वैक्सीन से सबसे ज़्यादा उम्मीद जताई जा रही है।

चीन: ट्रायल के तीसरे चरण में

चीनी कंपनी सीनोवेक बायोटेक की वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के थर्ड स्टेज में पहुंच चुकी है। तीसरे दौर में पहुंचने वाली दुनिया की पहली कोविड-19 वैक्सीन है। अबू धाबी में 15,000 रजिस्टर्ड वॉलंटियर को पहली डोज दी गई।  28 दिन के अंदर दो बार वैक्सीन की डोज देने पर 100 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज विकसित हुआ। चीन में चार संभावित कोरोना की वैक्सीन विकसित की जा रही हैं। वुहान इंस्टीट्यूट और सीनाफॉ‌र्म्स की वैक्सीन दूसरे चरण में हैं।  

भारत: पहले और दूसरे फेज़ में

भारत में भी कोवैक्सीन और जोकोव-डी नाम की दो वैक्सीन का फेज़ 1 और 2 ट्रायल भी शुरू हो गया है। शुरुआती डोज दिए जाने के बाद वॉलंटिअर्स में किसी तरह के साइड-इफेक्ट्स देखने को नहीं मिले हैं। रिसर्च में सहयोग के लिए डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने अपने दरवाजे खोल रखे हैं। कंपनी की तैयारी मार्च तक मानव परीक्षण पूरा करने की है। सफलता मिलने के बाद 100 मिलियन डोज बनाएगी

जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया : दूसरे फेज़ में

जर्मनी में बायोएनटेक, पीफाइजर और फोसन फार्मा संभावित वैक्सीन बनाने के दूसरे चरण में पहुंच चुके हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया का वैक्सीन पैटी लिमिटेड और मेडिटॉक्स पहले चरण में पहुंचे हैं।

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