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कोरोना की वैक्सीन कब आएगी और इसकी कीमत कितनी होगी?

बजरंग दल
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भारत में कोरोना संक्रमण बढ़ने की दर दुनिया में सबसे अधिक हो चुकी है। ऐसे में इसे रोकने का अब एक ही तरीका नज़र आता है और वह है जल्द से जल्द वैक्सीन का निर्माण। एक सवाल जो अब सबके मन में घूम रहा है वह है कि आखिर कोरोना वैक्सीन कब आएगी और आई तो इसकी कीमत कितनी होगी।

दुनियाभर में 150 से ज़्यादा कोरोना वैक्सीन पर काम हो रहा है इनमें कुछ वैक्सीन ट्रायल फेज़ में पहुंच चुकी हैं। जिन वैक्सीन पर दुनियाभर की निगाह टिकी है उसमें से एक है ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी और एस्ट्रज़ेनेका द्वारा तैयार की जाने वाली कोवीशील्ड वैक्सीन। यह वैक्सीन तीसरे चरण के परीक्षण में उतर चुकी है, अगस्त अंत तक यह ट्रायल पूरा होने की उम्मीद है।

कब आएगी वैक्सीन?

ऑक्सफोर्ड युनीवर्सिटी द्वारा तैयार की जा रही वैक्सीन कोवीशील्ड पर भारत की निगाह टिकी हुई है। इस वैक्सीन का परीक्षण सफल होते ही लोगों तक पहुंचाने की तैयारी भारत सरकार कर रही है। दिसंबर अंत तक इस वैक्सीन के आने की संभावना है। भारत में इसे तैयार करने का काम सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा किया जा रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैक्सीन निर्माण के लिए गावि और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ गठजोड़ किया है ताकि यह वैक्सीन ज्यादा से ज्यादा लोगों को कम से कम कीमत में उपलब्ध हो पाए। इसके अलावा रुस अपनी वैक्सीन इसी माह रजिस्टर करने जा रहा है। यह वैक्सीन दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन होगी। भारत भी अपनी खुद की वैक्सीन पर काम कर रहा है जो अभी ट्रायल फेज़ में है। अगर एक नज़र में देखा जाए तो अगले साल की शुरुवात कोरोना टीका लगवाने के साथ हो सकती है।

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क्या होगी कीमत?

ऑक्सफोर्ड युनीवर्सिटी की वैक्सीन कोवीशील्ड भारत में मात्र 250 रुपए की कीमत में उपलब्ध होगी। यह संभव हो पाएगा गावी और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए करार की वजह से। गावी दुनियाभर के गरीब और विकासशील देशों को कम से कम कीमत में वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए ही काम करता है। कैंब्रिज की मोडर्ना वैक्सीन की कीमत 3700 से 4500 रुपए के आसपास होगी वहीं जर्मनी और फ्रांस में फाइजर वैक्सीन की कीमत 420 से 560 रुपए के आसपास आंकी जा रही है। हालांकि इन वैक्सीन के कितने डोज़ एक व्यक्ति को दिए जाएंगे इसका खुलासा वैक्सीन पंजीकृत होने के बाद किया जा सकता है। फिल्हाल इतना तय है कि वैक्सीन कम से कम दाम में ही लोगों तक उपलब्ध होगी साथ ही सरकार इसे मुफ्त भी उपलब्ध करवा सकती है।

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किसे मिलेगी सबसे पहले वैक्सीन?

भारत में सबसे पहले वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों को उपलब्ध करवाई जाएगी उसके बाद सुरक्षाकर्मियों और फिर आमजन के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी। दुनियाभर के देशों में वैक्सीन खरीदने को लेकर पहले से ही करार हो चुके हैं। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने ट्रायल फेज़ में चल रही वैक्सीन के डोज़ पहले से ही बुक कर दिये हैं। ताकि ट्रायल सफल होने पर सबसे पहले उनके देश के नागरिकों तक वैक्सीन पहुंच सके। भारत में भी एक टास्कफोर्स गठित की गई है जो वैक्सीन की खरीद से लेकर उसके डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर प्लान तैयार करेगी।

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