रमेश सक्सेना हनुमान चालीसा

रमेश सक्सेना ने कहा- हनुमान चालीसा का पाठ करें तो नहीं छू पाएगा कोरोना!

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मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश सक्सेना (Ramesh Saxena, Senior Congress Leader Madhya Pradesh) का कहना है कि बड़ी से बड़ी गंभीर बीमारी को हराने के लिए सबसे जरूरी है मन की शक्ति, आत्म विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा। अगर ये तीनों हो तो हम हर गंभीर बीमारी को हरा सकते हैं और ये तीनों चीजें हनुमान चालीसा का पाठ करने से मिल सकती है।

Komal Badodekar | Bhopal

रमेश सक्सेना ने कहा कि, लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें, मास्क पहने और अपनी इम्यनिटी भी बढ़ाएं और इसके साथ-साथ हनुमान चालीसा का भी पाठ करें। ताकि मन की शक्ति, आत्म विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। उन्होंने कहा कि मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि अगर किसी भी परिवार के सदस्य 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए एक साथ बैठते हैं, जिसमें मुश्किल से आधे घंटे लगते हैं तो उन्हें कोरोना छू नहीं सकता है।

रमेश सक्सेना ने कहा कि हनुमान चालीसा में एक पंक्ति है- ‘नासे रोग हर सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत वीरा’ (भगवान हनुमान जी का जप करने से सभी रोगों का नाश होता है और सभी प्रकार के दुख दर्द खत्म होते हैं।) हमें इस पर भरोसा करना चाहिए। सरकार, सरकारी संस्थाएं और मेडिकल साइंस अपना काम कर रहा है लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि इसके ऊपर भी कुछ है।

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साल 2018 में भी ओलावृष्टि से फसलों को बचाने के लिए दिया था ऐसा बयान
बता दें कि इससे पहले रमेश सक्सेना ने वर्ष 2018 में बारिश और ओलावृष्टि के दौरान फसलों को क्षतिग्रस्त होने से रोकने के लिए इसी तरह की सलाह दी थी। उन्होंने अपने एक बयान में कहा था कि लोगों को हर दिन कम से कम 500 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए ताकि भारी बारिश और ओलावृष्टि से मेहनतकश किसानों की फसलों को बचाया जा सके। अब इसे भगवान का चमत्कार कहें या मौसम का परिवर्तन कि उस दौरान भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बच गई थी। उस दौरान रमेश सक्सेना का ये बयान काफी वायरल हुआ था। वहीं अब कोरोना पर दिया गया ये बयान भी नेशनल मीडिया की सुर्खियों में हैं।

कौन है रमेश सक्सेना
कांग्रेस नेता रमेश सक्सेना 1 बार निर्दलीय और तीन बार बीजेपी से विधायक रह चुके हैं। सरपंच से सहकारिता नेता रहें रमेश सक्सेना 1993 में पहली बार ढाल तलवार से निर्दलीय चुनाव लड़ कर भारी बहुमत से जीते थे। उसके बाद सत्ता में कांग्रेस के होते हुए भी उन्होंने बीजेपी को समर्थन दिया और विपक्ष में रहें फिर बीजेपी से लगातार 3 बार चुनाव जीते। लेकिन साल 2013 में पत्नी को टिकट दिलाकर चुनावी मैदान में उतरे लेकिन महज 500 वोट से हार गए। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा लेकिन जीत हासिल न कर सकें। इस दौरान उन्होंने बीजेपी को अलविदा कह पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित अन्य की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया।

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रमेश सक्सेना के इस बयान पर स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. केएल साहू की टिप्पणी
स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. केएल साहू ने कांग्रेस नेता रमेश सक्सेना के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, “हम सभी भगवान में एक मजबूत विश्वास रखते हैं और हम सभी प्रार्थना करते हैं लेकिन जब हम सभी कोविड-19 से लड़ रहे हैं तब इस तरह के सुझाव केवल सार्वजनिक रूप से भ्रम पैदा करेंगे।”

बीजेपी ने दी ये प्रतिक्रिया
वहीं भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल का कहना है कि “पवित्र ग्रंथों और भगवान में हमारी आस्था हमारे मनोबल को बढ़ावा देती है और इस तरह किसी भी संकट से निपटने के लिए प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ावा देती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि इससे किसी भी कोविड मरीज को ठीक किया जा सकता है। जब हम सार्वजनिक जीवन में होते हैं तो हमें ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति इसे आंख बंद करके मानता रहे और चिकित्सा से बचता है।”

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