difference between antibody and vaccine

Corona Vaccine: जल्द आएगा कोरोना का टीका, मानव परीक्षण सफल रहा तो बनेंगे 1 अरब से ज्यादा वैक्सीन!

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पूरी दुनिया Coronavirus की जद में है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। समय पर सही इलाज न मिलने और पर्टिक्युलर वैक्सीन नहीं होने से लाखों लोग मारे जा चुके हैं। अब कोरोना वैक्सिन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। दुनिया भर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता वैक्सीन बनाने में जुटे हैं। तमाम देशों की कंपनियां भी जल्द से जल्द वैक्सीन बनाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन, ब्रिटैन, इजराइल,अमेरिका जैसे देश वैक्सीन तैयार कर कर चुके हैं और अब ट्रायल के लिए अलग-अलग चरणों में पहुंच चुके हैं।

Jyoti Dubey | New Delhi

वहीं भारतीय कंपनियां जैसे सीरम इंडिया, भारत बायोटेक भी कोरोना वैक्सीन बनाने की रेस में आगे चल रही है। इन सब के बीच अमेरिका की एक कंपनी ने वैक्सीन तैयार कर लेने का दावा किया है और जल्द ही उसका ह्यूमन ट्रायल यानी मानव परीक्षण शुरू होने वाला है। कंपनी का ये भी दावा है की अनुमानित समय से पहले ही वो ह्यूमन ट्रायल के चरण पर पहुंच चुकी है।

अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के अब तक हुए ट्रायल सफल रहे हैं। कंपनी ने बुधवार को मीडिया को बताया की जुलाई में कोरोना वैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू कर कर दिया जाएगा।

जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने अपनी वैक्सीन तैयार करने की प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करने के साथ ही अब मानव परीक्षण भी तय समय से दो महीने पहले ही करने जा रही है। कंपनी वैक्सीन की एक अरब डोज़ तैयार करेगी जिसका सौदा अमेरिकी सरकार से पहले ही कर लिया गया है।

कंपनी मानव परिक्षण के दौरान 18 से 55 वर्ष के लोगों के1045 ट्रायल करेगी और कुछ ट्रायल 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर भी किये जाएंगे ताकि बुज़ुर्गों पर भी इसके असर का अध्ययन किया जा सके। कंपनी ने बताया की मानव परीक्षण अमेरिका और बेल्जियम में किये जायेंगे।

बता दें कि, अमेरिका की बायोटेक कंपनी, मोडर्ना (Moderna Inc) भी कोरोना वैक्सीन बनाने में काफी आगे चल रही है। मोडर्ना पहले ही कोरोना के 600 मरीज़ों पर वैक्सीन ट्रायल कर चुकी है और अब मरीज़ों पर इसके प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। दुनिया भर में इस समय कोरोना के कुल 10 टीकों का मानव परिक्षण चल रहा है।