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मध्यप्रदेश में एक महीने में मरीज़ों की संख्या बढ़कर 1500 कैसे हो गई?

coronavirus Indore
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ग्राउंड रिपोर्ट । भोपाल

कोरोना से वैसे तो देश का हर राज्य जंग लड़ रहा है लेकिन पिछले एक महीने में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जिस तेज़ी से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है यह चिंता का सबब बन गया है। मध्यप्रदेश में मार्च 20 तक केवल 4 कोरोना संक्रमित मरीज़ थे जो एक महीने में बढ़कर 1500 के पार हो चुके हैं। यहां 80 लोग अब तक जान गवां चुके हैं वहीं 152 मरीज़ पूरी तरह ठीक होकर घर जा चुके हैं। आखिर मध्यप्रदेश में क्या चूक हुई जिससे मरीज़ों की संख्या इतनी तेज़ी से बढ़ती चली गई?

मध्यप्रदेश में पहला मामला जबलपुर में सामने आया था जहां 4 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। उसके बाद मध्यप्रदेश के इंदौर में मामला सामने आया उसके बाद धीरे-धीरे इंदौर शहर कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया। मध्यप्रदेश के कुल 1587 मामलों में 923 मामले अकेले इंदौर में हैं। अधिकारी बताते हैं कि इंदौरवासियों को यह अंदाज़ा नहीं था कि उनके शहर में कोरोना जैसी बीमारी फैल सकती है। शुरुवात में लोगों को यह मज़ाक लग रहा था। इंदौरवासियों को देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का गुरुर था उन्होंने लॉकडाउन का सख्ती से पालन नहीं किया। सोशलमीडिया पर भी कई वीडियो आए जिसमें लोगों को जुलूस निकालते देखा गया। जब देश में पूर्ण लॉकडाउन हुआ तब भी लोग गलियों में घूमते रहे। इस वजह से इंदौर में कोरोना का तेज़ी से फैलाव हुआ।

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शुरुवात में प्रशासन भी इतना चौकन्ना नहीं था। लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन करवा पाने में प्रशासन नाकाम था। कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद राज्य में शासन व्यवस्था चरमरा चुकी थी। शिवराज सिंह चौहान ने शपथ तो ली लेकिन उनके पास भी मंत्रीमंडल नहीं था। महामारी के बीच राज्य में हुआ सत्ता परिवर्तन लोगों को भारी पड़ गया।

इंदौर से कई ऐसे वीडियो आए जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों को मारते हुए देखा गया। यह केवल और केवल प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था का सही से पालन न करवा पाने की वजह से हुआ।

इंदौर में 24 मार्च को 4 केस सामने आए थे। तब वहां टेस्टिंग के लिए पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। इसके बाद मरीजों की संख्या प्रतिदिन 30-40 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने लगी। अब वहां 12 टेस्टिंग लैब हैं। इंदौर में अब प्रतिदिन 2 हजार सैंपल जांच की क्षमता है। इसे कम से कम हजार प्रतिदिन और बढ़ाने की जरूरत है, जिसके लिए काम किया जा रहा है।

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