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Corona संकट के बाद सितंबर तक हो सकती है 20 लाख करोड़ रुपए के अंतिम राहत पैकेज की घोषणा: RBI

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भारतीय रिज़र्व बैंक ( RBI ) के निदेशक एस गुरुमूर्ति ( S. Gurumurthy ) ने कहा कि केंद्र सरकार कोविड-19 के संकट के बाद अंतिम राहत पैकेज की घोषणा सितम्बर माह तक कर सकती है। भारत चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स ( Indian Chamber of Commerce ) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में गुरुमूर्ति ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पैकेज को अंतिम उपाय माना जा सकता है।

आरएसएस ( RSS ) विचारक गुरुमूर्ति ने कहा कि, ‘अंतिम राहत पैकेज की घोषणा कोविड संकट के बाद सितम्बर-अक्टूबर में होने की उम्मीद है। घाटे भरने के लिए अमेरिका और कई यूरोपीय देश मुद्रा की छपाई कर रहे हैं वहीं भारत के ऐसा कुछ करने की बहुत कम गुंजाइश है’।

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गुरुमूर्ति ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने घाटे के मौद्रीकरण ( नोट छापने ) के विकल्प पर अभी तक कोई विचार नहीं किया है। घाटे के मौद्रीकरण के तहत केंद्रीय बैंक ने सरकार की खर्च ज़रूरतों के अनुसार बॉन्ड खरीदा है और बदले में अपनी निधि से या नए नोट छापकर सरकार को धनराशि देता है।

अर्थव्यवस्था पर उन्होंने कहा कि, ‘भारत इस समय कई परेशानियों से गुज़र रहा है। सरकार ने 1 अप्रैल से 15 मई के बीच 16,000 करोड़ रुपये जन-धन बैंक खातों में जमा किए हैं। आश्चर्य की बात यह है की उन खातों से बहुत कम धन निकाला गया है। इससे पता चलता है कि संकट का स्तर उतना अधिक नहीं है’। उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट के बाद दुनिया बहुपक्षियावाद से द्विपक्षियावाद में बदल जाएगी और अर्थवयवस्था तेज़ी से वापसी करेगी।

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20 लाख 97 हज़ार 53 करोड़ का आर्थिक पैकेज

आपको बता दें कि सप्लाई चेन में सुधार लाने के लिए मोदी सरकार ने अब तक 20 लाख 97 हज़ार 53 करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार पांच दिनों तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए उठाए महत्वपूर्ण क़दमों पर विस्तार से जानकारी दी थी। सरकार ने समाज के आखिरी तबके के लोगों तक मदद पहुंचाने का दावा किया है।