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कोरोना से भारत में बढ़ी चिंता, आम लोगों के साथ अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर

Coronavirus COVID-19
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नई दिल्ली | अनमोल गुप्ता

चीन से आया एक खतरनाक वायरस जिसने दुनिया में कहर मचा दिया है। चीन से बाहर अब 9 गुना तेजी से फैल रहे इस कोरोना वायरस के देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचने से इसको लेकर बेचैनी बढ़ने लगी है। भारत में 9 राज्यों में फैले इस वायरस से अब तक 31 लोग संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें से केरल में कोरोना वायरस के तीनों मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। दिल्ली में 88 और भारत में 100 से ज्यादा लोगों के कोरोना वायरस के संदिग्ध केस पाए गए हैं, जिन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा  गया है। वहीं 27,000 से अधिक लोगों को सामुदायिक निगरानी में भी रखा गया था।

कहां से आया यह वायरस?

माना जा रहा है कि यह वायरस चीन के वुहान शहर के ‘सी फूड’ मार्केट से फैला है। जानवरों से इंसान में आये इस कोरोना वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड 19 नाम दिया है साथ ही इस वायरस को अंतर्राष्ट्रीय महामारी घोषित किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना वायरस कोई एक वायरस नहीं है, बल्कि ये कई वायरसों का एक समूह है। उनका कहना है कि इस वायरस के ज्यादातर केस अब तक बिल्ली, शार्क, चमगादड़, सांप और ऊंट जैसे जानवरों में ही देखे गए हैं।

चीन की एक छोटी सी गलती ने उसे आज इसे इतने बड़े खतरे में डाल दिया

सबसे पहले चीन के डॉ० ली वेनलियांग ने ही 30 दिसंबर 2019 को  वुहान में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने पर,इस वायरस के बारे में वीचैट एप पर अपने मेडिकल स्कूल के एल्युमिनी ग्रुप में इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि उनके अस्पताल में स्थानीय ‘सी फूड’ बाजार से सात मरीज आए हैं, जिनमें सिवियर एक्यूट रेस्पीरेटरी सिंड्रोम (सार्स) जैसी बीमारी के लक्षण पाए गए हैं और उन्हें अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। ली ने बताया था कि परीक्षण में साफ हुआ है कि यह विषाणु कोरोना वायरस समूह का है। इसमें कोरोना वायरस समूह के सार्स विषाणु भी है जिसकी वजह से साल 2003 में चीन एवं पूरी दुनिया में 800 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने अपने दोस्तों को अपने जानकारों, दोस्तों, रिश्तेदारों को गोपनीय तरीके से इस बारे में आगाह करने को कहा था लेकिन कुछ ही घंटों में उनके संदेश का स्क्रीनशॉट वायरल हो गया था। इस पर वुहान पुलिस ने उन पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया था। उसके बाद 12 जनवरी को वो खुद इस वायरस से संक्रमित पाए गए और फिर 7 फरवरी को इसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई।

किन देशों में इसके ज्यादा प्रभाव-
दुनिया के 78 देशों में इससे 94,000 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं। जिनमें 3300 से अधिक मौत के मामले सामने आए हैं। चीन में महामारी बन चुका कोरोना थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अकेले चीन में अब तक करीब 80,500 से अधिक लोग इससे संक्रमित है, जबकि इससे वहां मरने वालों की संख्या 2900 से अधिक पहुंच गई है, जो दुनिया का 90 फीसदी है। चीन के बाद सबसे अधिक दक्षिण कोरिया में 6284 लोगों के संक्रमित और 40 मौत की खबर आई है। वहीं इटली में 3858 संक्रमित और 148 मौत, जापान में 360 संक्रमित और 06 मौत, ईरान में 3513 संक्रमित और 107 मौत, अमेरिका में 233 संक्रमित और 10 मौत,ऑस्ट्रेलिया में 60 संक्रमित और 01 मौत की खबर सामने आई है।


मृत्यु दर की बात करे तो पुरुष मृत्यु दर 2.75 प्रतिशत और महिला मृत्यु दर 1.50 प्रतिशत है। हांगकांग में एक महिला के पालतू कुत्ते में इंसानों से जानवरों में इस वायरस के फैलने का पहला मामला सामने आया है।


कोरोना वायरस के लक्षण-
सर्दी, जुकाम, खांसी, नाक बहना व सांस फूलना। 
थकान, सिरदर्द, चक्कर, तेज खांसी, मांशपेशियों व छाती में दर्द। 
निमोनिया, फेफड़ों में सफेद धब्बे, शरीर में ऑक्सीजन की कमी। 

इस वायरस से बचाव कैसे किया जा सकता है।
वैसे तो अब तक इस वायरस के लिए कोई वैक्सीन नहीं बनी है लेकिन फिर भी कुछ सावधानियां बरत कर इस वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं, क्या हैं वो सावधानियां-
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि इस वायरस से बचने के लिए हाथों की हाइजीन सबसे ज्यादा जरुरी है। 

1.साबुन और पानी से अच्छे से हाथों को धोना चाहिए
2.अल्‍कोहल आधारित सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है।
3.खांसते और छींकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढ़ककर रखें। एक बार इस्तेमाल टिश्यू का दोबारा इस्तेमाल ना करें और इस्तेमाल टिश्यू को खुले में ना फेंके।
4.रुमाल ना होने पर खांसते या छींकते वक्त बाजू का इस्तेमाल करें।
5.एक दूसरे से हाथ मिलाने से बचें।
6.जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें।
7.अच्छे से पके मांस का ही सेवन करें।
8.जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।

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इस वायरस से संबंधित अफवाह और तथ्य

इस वायरस से संबंधित अधिक जानकारी ना होने के कारण इससे संबंधित कई तरह की अफवाहें भी फैलाई जा रही है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ अफवाहों और उनसे जुड़े तथ्य के बारे में-

अफवाह- मांस खाने से संक्रमण का खतरा
सही- अब तक इसकी कोई पुष्टि नहीं
अफवाह- अंडा खाने से संक्रमण का खतरा
सही- कोई खतरा नहीं
अफवाह- लहसुन खाने से संक्रमित व्यक्ति ठीक हो सकता है
सही- अब तक साबित नहीं हुआ है।
अफवाह- चीन से आने वाले सामानों से संक्रमण का खतरा
सही- विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सही नहीं
अफवाह- पालतू जानवरों से फैलता है
सही- अब तक पुष्टि नहीं
अफवाह- जानकारी के लिए कोई कॉल सेंटर नहीं
सही- सरकार ने हेल्प लाइन नं० ( 011-23978046) जारी किए हैं।

भारत इससे कितना सुरक्षित और सरकार इसके बचाव के लिए क्या अहम कदम उठा रही है?

भारत में अब तक कोरोना के 31 मामले सामने आए हैं। जिसके बाद सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4 देशों- जापान, इटली, दक्षिण कोरिया, और ईरान के नागरिकों को दिए गए वीज़ा रद्द कर दिए गए है। साथ ही चीन के नागरिकों के वीजा पर पाबंदी अभी भी लगी रहेगी। इसके अलावा भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि जब तक जरुरी न हो तब तक वो इन चार देशों की यात्रा न करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर बड़ी बैठक की साथ ही ट्वीट कर लोगों को बताया कि ‘कोरोना वायरस को लेकर तैयारियों का उन्होंने रिव्यू किया है। कई मंत्रालय और राज्य इस मसले पर एक साथ काम कर रहे हैं, भारत आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है और सभी मेडिकल जांच की जा रही है।’ उन्होंने देशवासियों को भी भरोसा दिलाया है कि घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन हमें इससे लड़ने के लिए एक साथ काम करना होगा, कुछ अहम कदम सभी को उठाने होंगे जिससे सावधानी बरती जाए।

वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव-

दुनिया के आम लोगों के साथ यह वायरस विश्व की अर्थव्यवस्था के लिए भी कहर बन कर आया है। चीन से फैले कोरोना की चपेट में दुनियाभर के कई देशों के आने से वैश्विक कारोबार में गिरावट की आशंका जाहिर की जा रही है। इसकी वजह से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन और अमेरिका के कारोबार में सुस्ती के आसार हैं जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। रिसर्च एवं रेटिंग एजेंसी मूडीज एनालिटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर में कोरोना की वजह से इस साल 0.4 फीसद की गिरावट हो सकती है। पहले वर्ष 2020 के लिए वैश्विक विकास दर में 2.8 फीसद की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया था, जिसे घटाकर अब 2.4 फीसद कर दिया गया है। विश्व बैंक भी कोरोना की वजह से वैश्विक विकास दर में एक फीसद तक की गिरावट की आशंका देख रहा है। अमेरिका और चीन के साथ 150 अरब डॉलर (करीब 10 लाख करोड़ रुपये) से अधिक का कारोबार करने वाला भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा। भारत सरकार अर्थव्यवस्था पर कोरोना के असर को लेकर सचेत है। 


चीन की अर्थव्यवस्था पर कैसे प्रभाव

13.6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया के सबसे तेजी से विकास करने वाले चीन को जहां बड़े- बड़े देश नहीं रोक पाए तो वहीं एक वायरस ने इस झटका दे दिया। इस वायरस से चीन में आम लोगों की अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा है। चीन की अर्थव्यवस्था विनिर्माण पर आधारित है । दूसरे देशों में अपने सामान का निर्यात कर चीन अपनी अर्थव्यवस्था चलाता रहा है लेकिन इस वायरस के कारण इसने देश के बड़े हिस्से में नए साल की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। मूडीज एनालिटिक्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का पर्यटन कारोबार पूरी तरह से ठप है। विदेशी एयरलाइंस चीन नहीं जा रहे हैं और क्रूज यात्रा भी रद्द हैं। जिससे चीन के पर्यटन उद्योग में 55% की कमी आई है। चीन ने 10 प्रभावित शहरों में अपने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया है।

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चीन के प्रभावित होने से दुनियाभर के टूरिज्म पर भी असर हो रहा है। अकेले 30 लाख चीनी हर साल अमेरिका घूमने जाते हैं। इटली में कोरोना के फैलने से पर्यटक अब यूरोप जाने से भी कतराने लगे हैं, इससे यूरोप का टूरिज्म प्रभावित होने जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में फैक्टियों के बंद होने से एपल, नाइकी एवं जनरल मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां प्रभावित हो रही है और माल की कमी की वजह से अमेरिका के वालमार्ट और अमेजन स्टोर में अगले एक- दो माह में सामान की कीमत बढ़ जाएगी। चीन में बड़े- बड़े उद्योग बन्द हो गए हैं। चीन के शेयर बाजार भी इससे प्रभावित हुए हैं। चीन के शेन्जेन और शंघाई स्टॉक मार्केट में गिरावट दर्ज की गई है।

मोटे तौर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस तरह से यह वायरस फैल रहा है। इसकी वजह से चीन की विकास दर 0.5 से लेकर 1 फीसदी तक प्रभावित हो सकती है। अगर 1 फीसदी का भी नुकसान होता है तो ये करीब 136 बिलियन डॉलर के करीब होगी। ये बहुत बड़ा नुकसान होगा। चीन के साथ- साथ उन देशों को भी नुकसान हो रहा है जो चीन से सामान खरीदते रहें हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर-

 एक्सपर्ट की मानें तो भारत के गर्म तापमान और आद्र जलवायु के कारण यह भारत में तबाही नहीं मचा पाएगा। दरअसल वायरस कम तापमान में फलता-फूलता है और यही वजह है कि साउथ ईस्ट एशिया में यह तेजी से फैला क्योंकि ये देश, भारत के मुकाबले ठंडे हैं और यहां आर्दता कम है। भारत में आयात के ज्यादातर सामान चीन पर निर्भर होने के कारण भारतीय उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। दुनिया से होने वाले आयात का 43 फीसदी भारत चीन से ही आयात करता है। भारत फार्मास्युटिकल अवयव का 65 से 70 फीसदी व कुछ मोबाइल फोन पुर्जो का लगभग 90 फीसदी चीन से आयात करता है। दुनिया के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरर और निर्यातक चीन से भारत कुल इलेक्ट्रॉनिक्स का 45 फीसदी आयात करता है।इसमें मशीनरी का एक तिहाई और लगभग दो-तिहाई कार्बनिक रसायन और 25 फीसदी से अधिक ऑटोमोटिव पार्ट्स और उर्वरक हैं। चीन पर दवाओं की सामग्री के आयात की ज्यादा निर्भरता होने की वजह से देश में जेनरिक दवाएं महंगी होने की संभावना है। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था पर अब तक इसके कुछ गंभीर प्रभाव नहीं दिखे हैं लेकिन सीआईआई ने कहा है कि फार्मास्युटिकल्स, शिपिंग, ऑटोमोबाइल, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर पर इसके प्रभाव दिखाई पड़ने की संभावना है।

कई चीजें हो जाएंगी सस्ती
दुनिया में कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीददार चीन अब कम तेल खरीद रहा है। चीन की तरफ से मांग में कमी के कारण विश्व स्तर पर कच्चे तेल, कॉपर, सोयाबीन व पोर्क जैसे कई उत्पाद सस्ते हो जाएंगे, लेकिन चीन को सप्लाई देने वाले देशों की अर्थव्यवस्था इससे प्रभावित होगी। खासकर लैटिन अमेरिका के कई देशों की घरेलू अर्थव्यवस्था पर इसका विपरीत असर होगा। कच्‍चे तेल में उपभोग कम होने से इसकी कीमतों में गिरावट का भारत को फायदा मिलेगा। दरअसल, भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्‍चा तेल आयात करता है। कच्‍चे तेल की कीमतों में कमी से भारत में महंगाई और चालू खाता घाटा कम हो सकता है साथ ही रुपये की कीमत में भी इजाफा हो सकता है।

अनमोल गुप्ता भारतीय जनसंचार संस्थान में हिंदी पत्रकारिता की छात्रा हैं

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