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इन 10 बिंदुओं में जानें आखिर कौन हैं मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ

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कोमल बड़ोदेकर

भोपाल, 13 दिसंबर। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की घोषणा के बाद कमलनाथ मध्य प्रदेश की कमान संभालेंगे। राजधानी भोपाल में विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अधिकृत किया गया था। दिन भर चली मैराथन बैठक में केन्द्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस के ज्यादातर विधायक और वरिष्ठ नेता कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में नज़र आएं।

बहरहाल कमलनाथ अब जल्द ही मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। आखिर कौन है कमलनाथ और कैसे वे भारतीय राजनीति के दिग्गज नेताओं में शुमार हुो गए और क्यों उन्हें बिजनेस टायकून कहा जाता है… कुछ ऐसे ही रोचक सवालों और कमलनाथ के बार में जानने के लिए पढ़ें 10 खास बातें…

1.कानपुर में जन्म
मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ का जन्म 18 नवम्बर 1946 को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में हुआ था। देहरादून स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कमलनाथ ने कोलकाता के सेंट ज़ेवियर कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की।

2.संजय गांधी के दोस्त और गांधी परिवार के विश्वसनीय 
दून में पढ़ाई के दौरान कमलनाथ की मुलाकात संजय गांधी से हुई। वक्त के साथ कमलनाथ और संजय की दोस्ती गहरी होती चली गई। संजय से दोस्ती के चलते कमलनाथ गांधी परिवार के करीबी बनें, लेकिन कमलनाथ के जीवन में वो पल भी आया जब 23 जून 1980 को नई दिल्ली में एक विमान हादसे में संजय गांधी की मौत हो गई और उन्हें अपने जिगरी दोस्त को खोना पड़ा।  

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3. ऐसे पहुंचे लोकसभा पहुंचे
कमलनाथ ने पहली बार मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल इलाके छिंदवाड़ा से आम चुनाव लड़ा। जीत दर्ज की और महज 34 साल की उम्र में कमलनाथ ने बतौर सांसद लोकसभा में कदम रखा। इस समय तक कमलनाथ एक बिजनेसमेन थे लेकिन वक्त के साथ वे राजनीति में मंझते चले गए और नाम देश के दिग्गज नेताओं की फेहरिस्त में अंकित किया। 

4. 24 घंटे खुला रहता है कार्यालय
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली स्थित उनका कार्यालय कार्यकर्ताओं के लिए 24 घंटे खुला रहता है। वहीं इस बात की भी चर्चा और किस्से आम हैं कि अगर को जरूरतमंद और कोई शख्स कमलनाथ के लोकसभा क्षेत्र यानी छिंदवाड़ा से दिल्ली आता है तो कमलनाथ की ओर से उसकी हरसंभव मदद की जाती है।

5. सैटेलाइट फोन इस्तेमाल करने वाले शुरूआती नेता
यूं तो आज के दौर में मोबाइल फोन इस्तेमाल करना आम बात हो चुकी है लेकिन सूचना क्रांति के शुरूआती दिनों में सैटेलाइट फोन अपने आप में बड़ी चीज हुआ करती थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कमलनाथ उन चुनिंता नेताओं में से थे जो उस दौर में सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करते थे।


6. चुनाव अभियानों में हेलीकॉप्टर
कमलनाथ का नाम उन दिग्गज नेताओं में भी शामिल है जिन्होंने समय बचाने के लिए चुनावी अभियानों में हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल शुरू किया ताकि ज्यादा से ज्यादा रैलियां और जनता तक आसानी से पहुंचा जा सकें।

7. हवाला कांड के चलते नहीं लड़ पाए थे चुनाव
वैसे तो कमलनाथ की छवि साफ सुथरी मानी जाती है लेकिन हवाला कांड में नाम आने के चलते कमलनाथ साल 1996 में हुए लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाए थे। पार्टी ने उनकी जगह उनकी पत्नी अलका को टिकट दिया। अलका भारी मतों से विजयी हुईं।

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8. पटवा से हार गए थे चुनाव
इस चुनाव के एक साल बाद जब बरी हुए थे पत्नी अलका ने इस्तीफा दिया और कमलनाथ ने वापस छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ा लेकिन वे बीजेपी नेता सुंदरलाल पटवा से हार गए।

9. सिख विरोधी दंगों में नाम का जिक्र
कमलनाथा के नाम का जिक्र साल 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की सहभागिता में भी आता है। हांलाकि जांच के दौरान न तो उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत मिला न ही उनके खिलाफ कोई अपराध सिद्ध हो पाया। 

10. इसलिये कहा जाता है बिजनेस टायकून
कमलनाथ न सिर्फ एक राजनेता है बल्की वे एक बड़े बिजनेसमेन और कारोबारी हैं। कांग्रेस के कार्यकाल में वे उद्योग मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय, वन और पर्यावरण मंत्रालय, सड़क और परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमलनाथ 23 बड़ी कंपनियों के मालिक हैं जिसके चलते उन्हें बिजनेस टायकून भी कहा जाता है।