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‘Nth Room’ एक टेलीग्राम ग्रुप जहां बेची जा रही थी मासूम लड़कियों की अस्मिता

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दक्षिण कोरिया के इंचॉन (Incheon) शहर में टेक कॉलेज के 25 साल के व्यक्ति Cho-Ju-Bin को टेलीग्राम एप पर सेक्स रैकेट चलाने के अपराध में 40 साल की सज़ा सुनाई गई। साथ ही उसके 5 साथियों को 5 साल की सज़ा सुनाई गई है। ये अपराधी लड़कियों को ब्लैकमेल करके उनकी अश्लील वीडियो बनाते थे और “nth room” और ‘Doctor’s Room’ के नाम से चलने वाले टेलीग्राम ग्रुप पर महंगे दाम में बेेचते थे। इस चैटरुम का इस्तेमाल 10 हज़ार से ज्यादा लोग कर चुके थे। इस ग्रुप की एक्सेस के लिए कई लोग 1200 डॉलर तक चुका रहे थे। दक्षिण कोरिया में साईबर अपराध के लिए दी गई यह अब तक की सबसे लंबी सज़ा होगी।

क्या था मामला?

Cho-Ju-Bin और उसके साथी ट्विटर, फेसबुक आदि सोशल मीडया प्लैटफॉर्म पर मॉडलिंग में भविष्य बनाने के झूठे विज्ञापन डाल कर महिलाओं और बालिकाओं से उनकी निजी जानकारी इकठ्ठा करते थे। टेलीग्राम पर उनसे उनकी कम वस्त्रों वाली तस्वीरे मंगाते थे जो मॉडलिंग जैसे कामों मे एक आम बात है। जब कोई महिला या बालिका अपनी तस्वीरें भेज देतीं थीं तो उसे यह कहकर धमकाया जाता की अगर उस महिला या बालिका ने उनकी बात नही मानी तो वे लोग इन तस्वीरों को उसके घर, स्कूल, कॉलेज आदि जगहों पर सार्वजनिक कर देंगे। यहां से शुरू होता था अमानवीयता का गंदा खेल।

जब लड़की उनके जाल में फंस जाती थी तो उसका शारीरिक शोषण किया जाता था। उनका सेक्स वीडियो बनाया जाता और उसे टेलीग्राम पर बने Nth Room और Doctor’s Room नाम के चैट रुम में वायरल कर दिया जाता था। इन टेलीग्राम ग्रुप्स की सदस्यता हज़ारों डॉलर खर्च कर लोग खरीद रहे थे।

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कैसे काम करता था Nth Room टेलीग्राम ग्रुप

2018 में ‘God God’ नाम के एक यूज़रनेम द्वारा 8 ग्रुप बनाए गए जिनके नाम 1,2,3…8 थे इसलिए इन्हें साथ में ‘nth room’ कहा गया इस ग्रुप में सम्मिलित होने के लिए लोगों को 200 यूएस डॉलर से 1200 यूएस डॉलर तक की क्रिप्टो करेंसी देनी पड़ती थी। इस ग्रुप का प्रचार ‘watchman’ नाम का एक यूज़र ‘Gotham Room’ नाम के एक अलग टेलीग्राम ग्रुप में किया कारता था। इस ग्रुप से प्रेरित होकर अपराधी Cho-Ju-Bin ने दूसरा ग्रुप बनाया जिसका नाम ‘Doctor’s Room’ था।

इन घिनौने ग्रुप में चाईल्ड पॉर्न, रेप पॉर्न, अमानवीय पोर्न, स्लेव पॉर्न आदि के घटिया से घटिया वीडियो और फोटो किए जाते थे। इन्ही ग्रुप्स पर धीरे-धीरे उन महिलाओं और बालिकाओं को बेचा भी जाने लगा। इस दौरान चो इन सभी ग्रुप्स का लीडर बन गया था। इन ग्रुप्स में 10 हज़ार से 15 हज़ार लोग जुड़े हुए थे जिनमें से सिर्फ 40 लोगों की शिनाख्त हो पाई है और बाकियों की तलाश की जा रही है।

कैसे पकड़ में आए अपराधी?

2018 के अंतिम मे जब यह ग्रुप पुरूषों मे मशहूर होने लगा तो एक व्यक्ति ने इसकी रिपोर्ट कोरिया के हेल्प लाईन नंबर 112 पर की, किन्तु उसे गम्भीरता से नहीं लिया गया। जनवरी 2019 मे सियोल शहर के Seoul Shinmin नामक अखबार कंपनी ने अंडर कवर ऑपरेशन के द्वारा इस ग्रुप, तथा उससे जुड़े गैरकानूनी कामों के बारे मे पता लगाया और पुलिस को सूचित किया। इसी तरह कुछ और कंपनियों ने पुलिस को इस रैकेट के बारे मे बताया किन्तु पुलिस की तरफ से ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। अंततः 12 अगस्त 2019 मे जब इलेक्ट्रॉनिक्स टाइम्स ने पहली बार इसका ज़िक्र खुलेआम अपने अख़बार मे किया तो इस ख़बर ने पूरे कोरिया में दहशत फैला दी। इसी दौरान Cho-Ju-Bin उर्फ बक्सा पकड़ा गया। पकड़े जाने से पहले Cho ने JTBC नामक एक समाचार चैनल की एक संवाददाता को भी धमकाया था। इसके बाद सितंबर 2019 तक Cho के बाकी साथी भी पकड़े गए जिनके नाम हैं-

1.Moon Hyung-Wook (GodGod of Nth Room)
2.Jeon (Watchman of Gotham Room)
3.Shin (Kelly of Nth Room)
4.Kang (Butta of Doctor’s Room)
5.Lee (Ikiya of Doctor’s Room)

जब चो का चेहरा दुनिया के सामने आया

Cho के पकड़े जाने के बाद 50 लाख से भी ज़्यादा लोगों ने उसकी पहचान को सार्वजनिक करने हेतु याचिका दर्ज की और 23 मार्च 2020 को एक समाचार चैनल ने उसकी पहचान को सार्वजनिक कर दिया। दूसरे ही दिन 24 मार्च को सियोल मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस खुलासे का समर्थन कर दिया।

25 मार्च 2020 को कोरिया के क्रिप्टो करेंसी ऑपरेटर भी इस अपराध की जांच में मदद करने के लिए राज़ी हुए और उनकी ही मदद से इन ग्रुप्स से जुड़े 40 लोगों को पकड़ा गया जो असल मे चो जितने ही बड़े अपराधी हैं। इनकी तलाश अभी भी जारी है।

जब अपराधी ने किया लोगों का धन्यवाद

Cho के अंतिम बयान में उसने सब से माफी मांगी और लोगों का धन्यवाद किया कि उन्होंने उस शैतान को रोक लिया जिसे वो खुद रोक नहीं पा रहा था।

टेलीग्राम जैसे ऐप को किया जाना चाहिए कटघरे में खड़ा

टेलीग्राम एक ऐसा एप है जहां हर तरह के लोगों के ग्रुप्स हैं। कोचिंग, स्कूल, कॉलेज के छात्र छात्राएँ दुनिया के हर कोने में बैठे छात्रों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इस एप का इस तरह दुरुपयोग होना एक बहुत ही संगीन और डरावनी बात है। ऐसे मे हमें डर का सामना करते हुए ऐसी एप्स के मालिकों से उन एप्स को और सुरक्षित बनाने की मांग करनी चाहिए और हमे खुद को, अपने बच्चों तथा नए युवाओं को इन सब घटनाओं से अवगत कराना चाहिए। हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए तथा किसी भी ऑनलाइन समाचार, विज्ञापन या कोई पोस्ट के फेक होने पर रिपोर्ट करना चाहिए।

हमारी सरकार ने इंडियन साईबर क्राईम कॉर्डीनेशन सेंटर के लिए 415.86 करोड़ रुपयों का बजट रखा है तो अगर आपको कोई इस तरह से धमकाने की कोशिश करे तो अपने नज़दीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज़ कराएं या https://cybercrime.gov.in/ पर रिपोर्ट करें। आप नेशनल पुलिस हेल्पलाईन नंबर डायल 100 और नेशनल वुमन हेल्प लाईन 181 पर संपर्क कर सकते हैं।

यह खबर श्रेया कुलकर्णी द्वारा लिखी गई है, श्रेया ह्यूमन साईकोलॉजी और क्राईम जैसे विषयों में दिलचस्पी रखती हैं।

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