बिहार चुनाव : चिराग़ पासवान का ये फ़ैसला उनकी पार्टी की निराशाजनक हार का कारण बना ?

चिराग़ पासवान LJP
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बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी ने काफी (LJP) का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। दरअसल चिराग पासवान का मुख्य मुद्दा सिर्फ बिहार को नीतीश कुमार की सत्ता से मुक्त करना है। इसी कारण लोक जनशक्ति पार्टी इस पर अकेले 143 सीटों से चुनाव लड़ रही है। उसके लिए एल.जे.पी द्वारा हवन भी करवाए जा रहे हैं साथ ही चिराग पासवान के द्वारा नीतीश के खिलाफ मोर्चा भी निकाले गए थे। बिहार चुनाव में महज़ एक ही सीट जीत सकी LJP।

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लोक जनशक्ति पार्टी को 2000 में जनता दल यूनाइटेड से विभाजित होने के बाद स्वर्गीय राम विलास पासवान द्वारा स्थापित किया गया था। हालांकि रामविलास पासवान के निधन से पार्टी पर काफी ज्यादा प्रभाव भी पड़ा है। वही लोक जनशक्ति पार्टी पहले एन. डी. ए के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही थी पर 4 अक्टूबर को पार्टी के मुखिया श्री चिराग पासवान ने ये एलान कर दिया की वह अकेले चुनाव लड़ेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी ने अलग होकर चुनाव लड़ने का कारण नीतीश कुमार से शिकायत होना बताया लेकिन उनका यह भी कहना है कि वह बीजेपी का साथ नहीं छोड़ेगी। साथ ही चिराग पासवान ने यह दावा भी किया है कि अगली सरकार बीजेपी और एलजेपी मिलकर बनाएंगे।

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अगर 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डाले तो एलजेपी ने 25 सीटों से चुनाव लड़ा था। इनमें से 22 सीटों पर जेडीयू के साथ आमने सामने हुई थी और उन्हें उनमें से 21 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। 22 सीटों में से वारिसनगर, त्रिवेणीगंज, सोनबरसा इन 3 सीटों में पार्टी को 50000 से ज्यादा वोट से हार मिली थी। रामविलास पासवान के स्वर्गवासी होने के बाद, पार्टी की पूरी कमान चिराग के हाथों में आ गयी है। जिस प्रकार पार्टी ने इस चुनाव में प्रदर्शन किया है , वह काफी चिंताजनक है पार्टी और पासवान के राजनैतिक सफर के लिए।

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