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दोबारा कोरोना होने की कितनी है संभावना?

corona tool kit How to get coronavirus vaccine and what is registration process for covid19 vaccine
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भारत में कोरोना से ठीक हुए कुछ लोगों में दोबारा कोरोना के लक्षण देखे जाने और रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दोबारा पॉज़िटिव हो जाने के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में एक नई समस्य़ा पैदा होती दिखाई दे रही है। अब तक यह माना जा रहा था कि एक बार संक्रमित व्यक्ति ठीक हो जाए तो वह कोरोना वायरस से सुरक्षित रहेगा क्योंकि उसके अंदर कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी विकसित हो चुकी हैं। लेकिन ताज़ा मामले कुछ अलग ही संकेत दे रहे हैं।

दोबारा कोरोना के मामले-

  • भोपाल के हमीदिया अस्पताल में दो महिला डॉक्टर हैं, जो एक बार कोरोना होने के बाद दोबारा संक्रमण की चपेट में आई हैं। इन दोनों महिला डॉक्टरों का इलाज चल रहा था, जिसके बाद इनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। 
  • ऐसे ही की मामले देश के दूसरे राज्यों में भी देखे जा चुके हैं।
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दोबारा संक्रमण के कारण-

  • कोरोना के चार विषाणुओं में सामान्य किस्म की सर्दी के लक्षण दिखाई देते हैं और इसकी इम्यूनिटी ज़्यादा दिनों तक नहीं रहती। दोबारा संक्रमण होने का कारण वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडी का गायब हो जाना है।
  • इम्यून सिस्टम की भी एक यादाश्त होती है, बिलकुल हमारी तरह ही। उसे कुछ संक्रमण अच्छे से याद रहते हैं लेकिन कुछ संक्रमण कों वो आदतन भुला भी देती है। कोरोना वायरस को लेकर अभी यह पता नहीं लगा है कि इसके एंटीबॉडी कितने दिनों तक शरीर में एक्टिव रहते हैं।
  • मीज़ल्स या खसरा ऐसी बीमारी है जिसकी एंटीबॉडी एक बार बना जाए तो जीवन भर कारगर रहती है। एक बार हो जाती है तो उम्र भर के लिए इम्यूनिटी दे जाती है।
  • गलत टेस्टिंग भी दोबारा संक्रमण का एक कारण हो सकता है। अगर मरीज़ से कह दिया जाए की वह ठीक हो गया है लेकिन असल में वायरस उसके अंदर मौजूद ही रहा हो।
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