char dham yatra covid rules and regulations

चार धाम यात्रा: बदल गए हैं कई नियम, जानिए कैसे होगा रजिस्ट्रेशन

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बीते कुछ दिनों में चार धाम में यात्रियों की संख्या में इज़ाफा देखा गया है। सरकार ने भी चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ा दी है। अब तक बदरीनाथ में रोज 1200, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 व यमुनोत्री में 450 श्रद्धालुओं को दर्शन की मंजूरी थी। अब बदरीनाथ और केदारनाथ 30 हज़ार यात्री, गंगोत्री 9 हज़ार और यमुनोत्री 7 हज़ार यात्री जा सकेंगे।

बीते वीकेंड में धामों में उमड़ी भीड़ के मद्देनजर बोर्ड ने श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया। बोर्ड ने धामों में तय संख्या से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारणों की पड़ताल कराई तो पता चला कि दो और तीन अक्तूबर की तारीख में दर्शन करने को लोगों ने 10 से 15 अक्तूबर के पास का प्रयोग कर लिया।

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चार धाम यात्रा से जुड़ी 5 बड़ी बातें-

  •  उत्तराखंड के चारधाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री में दर्शन करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब दर्शनार्थियों के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर आने की अनिवार्यता खत्म हो गई है। 
  • कोई भी व्यक्ति उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाइट पर दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराकर उत्तराखंड आसानी से आ सकता है। चार धाम यात्रा से जुड़े सभी दिशानिर्देश सरकारी वेबसाईट www: https://badrinath-kedarnath.gov.in/ पर देखे जा सकतेहैं।
  • यात्रियों की संख्या धामों में आवास, भोजन, शौचालय व अन्य जरूरतों के साथ ही सामाजिक दूरी के मानक के अनुसार तय की गई है।
  • चारधाम की यात्रा पर आ रहे दर्शनार्थी मास्क, सेनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
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किन बातों का रखना है ख्याल?

  • अगर किसी यात्री में कोरोना से संबंधित लक्षण नजर आते हैं तो उसे मंदिरों में दर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • जो लोग हेलीकॉप्टर से आने वाले यात्रियों को ई-पास के संबंध में छूट दी गई है। हेलीकॉप्टर आने वाले यात्रियों के स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी संबंधित हेलीकॉप्टर कंपनी की ही होगी।
  • केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शाम तीन बजे के बाद सोनप्रयाग से आगे प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
  • हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, गौचर, सोनप्रयाग में ही पास की जांच होगी। यदि पास आगे की तारीख के होंगे, तो श्रद्धालुओं को वहीं रोक लिया जाएगा।
  • केदारनाथ पहुंचने पर यात्रियों को रात्रि प्रवास के लिए जीएमवीएन में भी कमरे नहीं मिल पाए। इस कारण उन्हें मंदिर परिसर, मंदिर मार्ग व तीर्थ पुरोहितों के आवासीय मकानों के बाहरी बरामदों में बैठकर रात बितानी पड़ी। इसलिए अपने रुकने की व्यवस्था का अच्छे से प्रबंध होने पर ही यात्रा करें।
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