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बैठक भले ही 9 को हो, लेकिन 8 दिसंबर का भारत बंद तय: राकेश सिंह टिकैत

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प्रदर्शनकारी किसानों ने 8 दिसंबर के भारत बंद(Bharat Bandh) का आव्हान किया है। किसानों और सरकार के बीच हुई पांचवी बेनतीजा बैठक के बाद किसानों ने ये फैसला लिया। किसानों की मांग है कि इन कानूनों को पूरी तरह से वापस लिया जाए। हालांकि शनिवार को हुई 5वी बैठक में कुछ भी नतीजा नहीं निकल पाया। लेकिन अगली बैठक 9 तारिख होगी। शायद बुधवार को इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय निकल पाए। लेकिन सरकार के रुख को देखा जाए तो ये सवाल उठता है कि सरकार निर्णय लेने में इतनी देरी क्यों कर रही है? आपको बता दें कि आज किसान प्रतिनिधि और सरकार के बीच पांचवी बैठक हुई, जो लगभग लगभग बेनतीजा साबित हुई। किसान संगठन पूरी तरह इस कानून को नकारते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं।

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आज नहीं 8 दिसंबर को भारत बंद, किसान यूनियन की देशव्यापी हड़ताल को Tribal Army का समर्थन

इससे पहले ट्राइबल आर्मी के संस्थापक हंसराज मीणा ने एक ट्वीट कर जानकारी दी थी कि 5 दिसंबर को भारत बंद(Bharat Bandh) होगा। लेकिन बाद में किसान यूनियन के नेताओं ने 8 तारीख़ के भारत बंद का फैसला किया। ट्राइबल आर्मी ने 5 दिसंबर को होने वाला बंद न कर के किसानों के समर्थन में 8 दिसंबर के बंद की जानकारी दी। तभी से ट्विटर टॉप ट्रेंड है #8_दिसंबर_भारत_बन्द

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पिछली दो बेनतीजा बैठकों में किसानों ने ये साफ़ कर दिया कि कानून वापस लेने वाली उनकी मांग में वह कोई पुनर्विचार नहीं करेंगे। इसलिए उन्होंने 8 दिसंबर, मंगलवार को भारत बंद करने का आभान किया। भारतीय किसान यूनियन के नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने ये कहा कि ‘हम पूरे देश को बंद में आमंत्रित करते हैं और उनसे सड़कों पर उतरने की गुज़ारिश करते हैं’।

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‘आठ दिसंबर को भारत बंद’

मंगलवार को होने वाले भारत बंद(Bharat Bandh) में प्रदर्शनकारी किसान राजधानी दिल्ली जाने वाली सभी सड़कें रोकेंगे। साथ ही उन्होंने टोल प्लाज़ा पर भी कब्ज़ा करने की बात कही है। उनका कहना है तभी सरकार और कॉर्पोरेट हॉउस पर असर होगा और वह ये कानून वापस लेंगे।

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