Bulli Bai App : सिख नामों का क्यों किया गया इस्तेमाल; पुलिस ने बताई सच्चाई

Bulli Bai App : मुस्लिम महिलाओं की तस्वीर ऑनलाइन पोस्ट कर उन्हें बदनाम करने के मामले में मुंबई पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुंबई पुलिस ने यह भी दावा किया कि ऐसा लगता है कि आरोपियों ने अपने ट्विटर हैंडल में सिख समुदाय से संबंधित नामों का इस्तेमाल किया था, जिससे कि लोगों को गुमराह किया जा सके और आरोपियों की पहचान न हो पाए।

इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मुंबई में बताया कि शहर पुलिस की साइबर इकाई द्वारा उत्तराखंड से गिरफ्तार की गई 18 वर्षीय श्वेता सिंह मुख्य आरोपी है, जिसने ऐप का ट्विटर हैंडल बनाया था।

मामले में बुधवार तड़के उत्तराखंड से मयंक रावल (21 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। श्वेता सिंह को बीती चार जनवरी को उत्तराखंड के ही रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया था।

जबकि इंजीनियरिंग के छात्र विशाल कुमार झा (21 वर्ष) को तीन जनवरी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था।

क्यों किया गया Bulli Bai App का निर्माण ?

मुंबई पुलिस आयुक्त ने यह पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार किया कि क्या मामले के आरोपी ‘सुल्ली डील’ (Sulli Deals) मामले में भी शामिल थे।

Bulli Bai App को ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म गिटहब पर होस्ट किया गया था। बाद में इसे प्लेटफॉर्म ने ब्लॉक कर दिया। असल में यह कोई वास्तविक ‘नीलामी’ या ‘बिक्री’ नहीं थी।

Bulli Bai App का उद्देश्य लक्षित महिलाओं को अपमानित करना और डराना था, जिनमें से कई सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।

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आपको बता दें कि Bulli Bai App को 31 दिसंबर 2021 को अमेरिका के ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म गिटहब ने होस्ट किया था।

जिसमें कम से कम 100 मुस्लिम महिलाओं की छेड़छाड़ की गईं तस्वीरें अश्लील टिप्पणियों के साथ ऑनलाइन पोस्ट की गई थीं।

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